इस पहल का उद्देश्य लाखों छात्रों तक आधुनिक और डिजिटल शिक्षा पहुंचाना है। Google.org द्वारा फंड की गई इस पहल में शिक्षक प्रशिक्षण, AI टूल्स का इस्तेमाल, साक्षरता, गणितीय कौशल और डिजिटल लर्निंग एक्सेस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत Gemini, NotebookLM, Gemini for Education और ReadAlong जैसे AI आधारित शिक्षा टूल्स का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों के जरिए छात्रों को बेहतर सीखने का अनुभव देने और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। Google का मानना है कि AI तकनीक शिक्षा को अधिक प्रभावी और व्यक्तिगत बना सकती है।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर फोकस
इस साझेदारी की घोषणा 19 मई 2026 को Google की आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में की गई। यह जानकारी Google में Learning and Sustainability के Chief Technologist Benedict Gomes और Google.org की वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्लोबल हेड मैगी जॉनसन (Maggie Johnson) ने साझा की। अगले तीन वर्षों के दौरान UNICEF चारों देशों में स्थानीय सरकारों, शिक्षा विशेषज्ञों और समुदायों के साथ मिलकर काम करेगा।
Google इस पहल के तहत तकनीकी सहायता, AI टूल्स तक पहुंच, प्रोडक्ट वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम उपलब्ध कराएगा। इसका लाभ UNICEF के कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलेगा। यह पहल खास तौर पर उन क्षेत्रों में लागू की जाएगी जहां डिजिटल शिक्षा संसाधनों और तकनीकी प्रशिक्षण की कमी है।
शिक्षकों को Gemini और NotebookLM जैसे AI टूल्स के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे छात्रों की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई को बेहतर तरीके से तैयार कर सकें। वहीं ReadAlong ऐप का उपयोग बच्चों की पढ़ने की क्षमता और समझ को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुनियादी शिक्षा कौशल जैसे पढ़ना, लिखना और गणित को बेहतर बनाना है।
AI टूल्स से बेहतर होगी पढ़ाई
Pia Rebello Britto, जो UNICEF की ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन हैं, उन्होंने कहा कि Google for Education और Google.org जैसे संगठनों के सहयोग से UNICEF बच्चों को 21वीं सदी के अनुरूप शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी के साथ AI और नई तकनीकों का इस्तेमाल करके बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। इस संदर्भ में Google का कहना है कि डिजिटल टूल्स और आधुनिक तकनीक के माध्यम से छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की कोशिश की जाएगी, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
Google और UNICEF की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान और डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम स्कूल जाने वाले और स्कूल से बाहर रहने वाले दोनों तरह के युवाओं को सुरक्षित डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा। वहीं UNICEF ने कहा है कि इस साझेदारी के दौरान हर साल इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी की जाएगी। इन रिपोर्ट्स के जरिए यह आकलन किया जाएगा कि ब्राज़ील, भारत, पाकिस्तान और केन्या में लागू किए गए शिक्षा समाधान कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं।
हर साल जारी होगी इम्पैक्ट रिपोर्ट
यह साझेदारी UNICEF की Digital Education Strategy के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, शिक्षकों की जरूरतों और स्थानीय समुदायों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल शिक्षा समाधान विकसित करना है।
अगले चरण में UNICEF चारों देशों में स्थानीय समुदायों, सरकारों और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ाएगा। माना जा रहा है कि AI आधारित यह पहल आने वाले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है और लाखों छात्रों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा से जोड़ सकती है।