मास कम्युनिकेशन और डिजिटल मीडिया शिक्षा में AI टेक्नोलॉजी को जोड़ेगा हंसराज कॉलेज

मास कम्युनिकेशन और डिजिटल मीडिया शिक्षा में AI टेक्नोलॉजी को जोड़ेगा हंसराज कॉलेज

मास कम्युनिकेशन और डिजिटल मीडिया शिक्षा में AI टेक्नोलॉजी को जोड़ेगा हंसराज कॉलेज
दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज ने Global Foundation for Media & Innovation Institute (GFMI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।


यह पहल Balaji Foundation और APN News के सहयोग से शुरू की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मीडिया, कम्युनिकेशन और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्स उपलब्ध कराना है। नई शिक्षा पहल के तहत छात्रों को आधुनिक मीडिया इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी मीडिया एवं कम्युनिकेशन सेक्टर का अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं। ऐसे में छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ नई तकनीकों की समझ देना जरूरी हो गया है।

इस साझेदारी के जरिए मास कम्युनिकेशन, विज्ञापन, मार्केटिंग, लीगल स्टडीज और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में उभरती तकनीकों को प्रोफेशनल एजुकेशन के साथ जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और रोजगार-उन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना भी है।

AI और मीडिया टेक्नोलॉजी पर रहेगा विशेष फोकस

इस नई पहल के अंतर्गत छात्रों को AI-पावर्ड जर्नलिज्म, डिजिटल ब्रांडिंग, OTT प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन, मीडिया टेक्नोलॉजी और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन जैसे विषयों में विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। कार्यक्रम का फोकस इस बात पर रहेगा कि छात्र तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया की जरूरतों को समझ सकें और भविष्य की मीडिया इंडस्ट्री के लिए खुद को तैयार कर सकें।

कॉलेज का कहना है कि आज मीडिया इंडस्ट्री में AI आधारित तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। न्यूज प्रोडक्शन, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में छात्रों को इन तकनीकों की जानकारी देना समय की आवश्यकता बन गया है।

इस पहल के तहत छात्रों को केवल क्लासरूम लर्निंग तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें इंडस्ट्री आधारित प्रोजेक्ट्स, प्रैक्टिकल असाइनमेंट और लाइव मीडिया प्रोडक्शन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे छात्रों को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा और वे इंडस्ट्री की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

जुलाई 2026 से शुरू होंगे नए कोर्स

प्रोफेसर रमा, जो हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल हैं, उन्होंने कहा कि कॉलेज हमेशा से अकादमिक इनोवेशन और भविष्य-उन्मुख शिक्षा पर फोकस करता रहा है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपोजर, नई तकनीकों की जानकारी और इंडस्ट्री से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि AI-इंटीग्रेटेड मीडिया और कम्युनिकेशन कोर्स जुलाई 2026 से शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र आधुनिक डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों दोनों को समझ सकें। वहीं, इस साझेदारी से जुड़े प्रतिनिधियों ने इस समझौते को इनोवेशन-ड्रिवन एजुकेशन मॉडल की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि यह पहल तकनीक, रचनात्मकता और रोजगार के अवसरों को एक साथ जोड़ने का काम करेगी।

कॉलेज अधिकारियों के अनुसार, ये कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में उपलब्ध होंगे, ताकि देशभर के छात्र इसका लाभ उठा सकें। डिजिटल मोड में पढ़ाई की सुविधा मिलने से दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों को भी आधुनिक मीडिया शिक्षा तक पहुंच मिल सकेगी।

छात्रों को मिलेगा इंडस्ट्री एक्सपोजर

इस साझेदारी के तहत छात्रों को केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि इंटर्नशिप, वर्कशॉप, मेंटरशिप और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा छात्रों को लाइव इंडस्ट्री एक्सपोजर और प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। छात्रों को रोजगार के लिए इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स की भी जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में स्किल डेवलपमेंट और प्रोफेशनल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस पहल के जरिए छात्रों को रिसर्च के अवसर भी मिलेंगे। मीडिया, AI और डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े नए विषयों पर रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे छात्र भविष्य की नई संभावनाओं को समझ सकें।

शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच की दूरी होगी कम

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है। अक्सर देखा जाता है कि छात्रों के पास डिग्री तो होती है, लेकिन उन्हें आधुनिक मीडिया इंडस्ट्री की तकनीकी जरूरतों की पर्याप्त जानकारी नहीं होती।

इस नई पहल के जरिए छात्रों को इंडस्ट्री के विशेषज्ञों से सीखने, लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने और आधुनिक मीडिया टूल्स को समझने का मौका मिलेगा। इससे उनकी रोजगार क्षमता में सुधार होगा और वे करियर के बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे।

इस संदर्भ में शिक्षाविदों का मानना है कि भारत में AI आधारित मीडिया शिक्षा की शुरुआत भविष्य में बड़े बदलाव ला सकती है। यह साझेदारी देश में AI-इंटीग्रेटेड मीडिया स्टडीज के लिए एक मॉडल के रूप में उभर सकती है और आने वाले वर्षों में अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी नई दिशा दे सकती है।


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