बेसिल हेल्थ और ज़ॉफ फूड्स ने जुटाई नई फंडिंग

बेसिल हेल्थ और ज़ॉफ फूड्स ने जुटाई नई फंडिंग

बेसिल हेल्थ और ज़ॉफ फूड्स ने जुटाई नई फंडिंग
नीचे दिए गए ब्रांड्स ने हाल ही में अपनी नई फंडिंग राउंड की घोषणा की है।


बेसिल हेल्थ ने जुटाए 1.5 मिलियन डॉलर 

बेवरिज रिटेल स्टार्टअप Basil Health ने प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। इस निवेश में Whiteboard Capital, Brigade REAP और Barbershop Fund ने भाग लिया। इसके अलावा निवेशकों में दीप बजाज और सिद्धार्थ कोठारी सहित अन्य निवेशकों की भी भागीदारी रही। कंपनी इस नई पूंजी का उपयोग नए शहरों में विस्तार करने, अपनी सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और ब्रांड व टीम के विकास में निवेश करने के लिए करेगी।

2023 में हर्षिता केजरीवाल, अक्षय चौधरी और करण द्विवेदीद्वारा स्थापित बेसिल हेल्थ कॉम्पैक्ट कियोस्क और ऑटोमेटेड बेवरिज मशीनों के जरिए पेय पदार्थों का रिटेल नेटवर्क चलाता है। यह स्टार्टअप अपनी इन-हाउस IoT तकनीक के माध्यम से ताजे पेय पदार्थ उपलब्ध कराने पर ध्यान देता है।

दिल्ली में स्थित इस स्टार्टअप के अनुसार, फिलहाल इसके 70 से अधिक ऑपरेशनल टचपॉइंट्स हैं। इसके सिस्टम में ताजे सामग्री को सीधे कप में मिलाकर पेय तैयार किया जाता है, जबकि इन-बिल्ट मॉनिटरिंग टूल्स संचालन को नियंत्रित करने और उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करते हैं।

बेसिल हेल्थ का रिटेल मॉडल 50 वर्ग फुट के कियोस्क और छोटे प्लग-एंड-प्ले ऑटोमेटेड बेवरिज मशीनों का मिश्रण है, जिन्हें ऑफिस, अस्पताल, विश्वविद्यालय और मॉल जैसी जगहों पर लगाया जा सकता है। वर्तमान में यह स्टार्टअप दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में काम कर रहा है। साथ ही स्टार्टअप अगले तीन वर्षों में कियोस्क और ऑटोमेटेड मशीनों के मिश्रण के जरिए अपने नेटवर्क को लगभग 1,000 टचपॉइंट्स तक बढ़ाने की योजना बना रहा है।

ज़ॉफ फूड्स ने JM फाइनेंशियल प्राइवेट इक्विटी से जुटाए 2 मिलियन डॉलर

मसाला ब्रांड Zoff Foods, जो Shark Tank India में भी दिखाई दे चुका है, ने JM Financial Private Equity से 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की नई फंडिंग जुटाई है इस निवेश के साथ कंपनी अब तक कुल लगभग 7 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है और JM Financial India इसका प्रमुख निवेशक बना हुआ है।

2018 में आकाश अग्रवाल और आशीष अग्रवाल 

द्वारा स्थापित ज़ॉफ फूड्स पैकेज्ड मसाले और इससे जुड़े खाद्य उत्पाद बनाने पर ध्यान देता है। इसके पोर्टफोलियो में विभिन्न मसाले, ड्राई फ्रूट्स और अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं, जो ब्रांडेड किचन प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को पूरा करते हैं।

स्टार्टअप के अनुसार, नई फंडिंग का उपयोग ई-कॉमर्स संचालन को मजबूत करने और ऑफलाइन वितरण नेटवर्क का विस्तार करने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही यह निवेश भारत में पैकेज्ड और ब्रांडेड मसालों की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी मदद करेगा।

द क्रेडिबल के आंकड़ों के अनुसार, ज़ॉफ फूड्स ने वित्त वर्ष 2025 में 103 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 2024 के 93 करोड़ रुपये से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, कंपनी का घाटा भी बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 17 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 20 लाख रुपये था।

बाजार के अनुमान के अनुसार, भारत का मसाला बाजार 2025 में लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2034 तक करीब 5.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस क्षेत्र में ज़ॉफ फूड्स की प्रतिस्पर्धा Everest Spices और MDH जैसे स्थापित ब्रांड्स से है।

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