भारत की अग्रणी बैटरी-स्वैपिंग कंपनी बैटरी स्मार्ट ने Amazon Web Services (AWS) के सहयोग से अपनी पहली टेक्नोलॉजी हैकाथॉन ‘HackSmart’ का सफल आयोजन किया। कंपनी के अनुसार, इस हैकाथॉन में देशभर के इंजीनियरिंग छात्रों से 1,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन मिले है।
31 जनवरी से शुरू हुई इस प्रतियोगिता का समापन 24 घंटे के इंटेंसिव बिल्ड स्प्रिंट के साथ हुआ। इसमें आईआईटी, बीआईटीएस, एनआईटी सहित देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया। शॉर्टलिस्टिंग के बाद 200 से अधिक प्रतिभागियों ने अंतिम चरण में प्रतिस्पर्धा की।
हैकाथॉन का ध्यान क्लीन मोबिलिटी से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर रहा, जिसमें बैटरी इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक वाहन संचालन और क्लाउड-स्केल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषय शामिल थे। प्रतिभागियों को पूरे आयोजन के दौरान बैटरी स्मार्ट और AWS के इंजीनियरों से तकनीकी मार्गदर्शन मिला।
प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन बैटरी स्मार्ट की लीडरशिप और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया गया, जिसके बाद पांच टीमों को विजेता घोषित किया गया। बैटरी स्मार्ट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (इंजीनियरिंग, डेटा और प्रोडक्ट) तेजस्व खट्टर ने कहा, “HackSmart क्लीन मोबिलिटी को आगे बढ़ाने और भारत के नवाचारकर्ताओं को अवसर देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
पुरस्कारों में पहले स्थान के लिए प्लेस्टेशन 5, दूसरे स्थान के लिए गोप्रो हीरो 12, और तीसरे स्थान के लिए मार्शल स्पीकर, साथ ही ₹2 लाख तक की नकद राशि शामिल थी। विजेता टीमों को बैटरी स्मार्ट में प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू के अवसर भी दिए गए।
कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग सत्रों के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को कंपनी की इंजीनियरिंग और लीडरशिप टीम से संवाद का अवसर मिला।
बैटरी स्मार्ट भारत का सबसे बड़ा ईवी टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बैटरी-स्वैपिंग नेटवर्क संचालित करता है, जिसके 50 से अधिक शहरों में 1,600 से ज्यादा स्वैप स्टेशन हैं। कंपनी 2.7 लाख से अधिक IoT-सक्षम बैटरियों का प्रबंधन करती है और अब तक 100 मिलियन से अधिक बैटरी स्वैप पूरे कर चुकी है।
कंपनी ने कहा कि वह भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के जरिए अपने क्लाउड, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ इंजीनियरिंग टैलेंट पाइपलाइन विकसित करती रहेगी।