देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड (Hero MotoCorp) ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता यूलर मोटर्स (Euler Motors) में 275 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की है। यह निवेश अप्रैल 2026 तक एक या अधिक चरणों में किया जाएगा और इसमें प्राइमरी व सेकेंडरी, दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल होंगे।
कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इस निवेश के बाद यूलर मोटर्स में हीरो मोटोकॉर्प की हिस्सेदारी 34.1% से बढ़कर करीब 36% हो जाएगी (फुली डायल्यूटेड आधार पर)। प्राइमरी निवेश सीरीज-E कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स के जरिए किया जाएगा, जबकि सेकेंडरी हिस्से में मौजूदा शेयरधारकों से शेयर खरीदे जा सकते हैं।
हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि यह निवेश उसकी उभरते मोबिलिटी सेगमेंट में मौजूदगी को मजबूत और विविध बनाने की रणनीति के अनुरूप है। कंपनी के मुताबिक, वह तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाना चाहती है।
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब यूलर मोटर्स अपने ऑपरेशंस को स्केल करने और वित्तीय पर्फॉरमेंस सुधारने पर काम कर रही है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में राजस्व दोगुना करने और दशक के अंत तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। यूलर मोटर्स मुख्य रूप से कमर्शियल सेगमेंट के लिए इलेक्ट्रिक तीन और चार पहिया वाहन डिजाइन, निर्माण और बिक्री करती है और फिलहाल भारत के 64 शहरों में मौजूद है। मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का टर्नओवर 191 करोड़ रुपये रहा।
भारत में इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल बाजार तेजी से बढ़ रहा है, खासकर लास्ट-माइल डिलीवरी और शहरी परिवहन की बढ़ती मांग के चलते। इस क्षेत्र में स्थापित ऑटोमोबाइल कंपनियां और स्टार्टअप्स लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि हीरो मोटोकॉर्प, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी एथर एनर्जी (Ather Energy) की भी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है।
इसके अलावा, हीरो मोटोकॉर्प ने अपने हरिद्वार और नीमराना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के लिए सोलर पावर व्हीलिंग प्रोजेक्ट्स में क्रमशः ₹3.25 करोड़ और ₹4.67 करोड़ तक के निवेश को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के लिए कंपनी CleanMax Enviro Energy Solutions Ltd के साथ ग्रुप कैप्टिव मॉडल के तहत स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) स्थापित करेगी।
कंपनी ने कहा कि इन निवेशों का उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग को बढ़ाना और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस में कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है। ये दोनों निवेश हीरो मोटोकॉर्प के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी विस्तार और सस्टेनेबिलिटी पर समानांतर ध्यान को दर्शाते हैं।