मुरुगप्पा ग्रुप की इंजीनियरिंग प्रमुख कंपनी ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया (TII) ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन सहायक कंपनी टीआई क्लीन मोबिलिटी में 500 से 750 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की योजना की घोषणा की है। यह निवेश कंपनी द्वारा ईवी कारोबार को विस्तार देने और शुरुआती देरी व नुकसान के बावजूद ब्रेक-ईवन की ओर बढ़ने के उद्देश्य से किया जाएगा। कंपनी अब तक ईवी कारोबार में लगभग 750 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है।
कंपनी की क्यू3 FY26 अर्निंग्स कॉल के दौरान टीआईआई के वाइस चेयरमैन वेल्लायन सुब्बैया ने कहा कि अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित हो चुकी है और नए लॉन्च किए गए कई उत्पादों में सकारात्मक संकेत दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह ईवी कारोबार में निवेश बढ़ाने का सही समय है।
प्रस्तावित निवेश का उपयोग लागत प्रतिस्पर्धात्मकता सुधारने, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज करने में किया जाएगा। प्रबंधन का लक्ष्य पहले EBITDA और कैश फ्लो ब्रेक-ईवन हासिल करना है, इसके बाद सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। दिसंबर 2025 तिमाही में ईवी कारोबार में कंपनी को 164.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
मैनेजमेंट ने स्वीकार किया कि ईवी कारोबार को स्केल करने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है, लेकिन लक्षित सेगमेंट्स में आंतरिक दहन इंजन (ICE) से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ते रुझान को देखते हुए कंपनी ने अपने दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया है।
टीआई क्लीन मोबिलिटी फिलहाल चार ईवी सेगमेंट्स इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, स्मॉल कमर्शियल व्हीकल (SCV), मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में काम कर रही है। मैनेजमेंट के अनुसार, सबसे पहले हेवी ट्रक और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में ब्रेक-ईवन हासिल होने की उम्मीद है, इसके बाद एससीवी और ट्रैक्टर सेगमेंट आएंगे।
दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने 1,816 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, 301 इलेक्ट्रिक स्मॉल कमर्शियल व्हीकल, 56 इलेक्ट्रिक हेवी ट्रक और 29 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बेचे। इलेक्ट्रिक हेवी ट्रक सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है और अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सीमेंट लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर-विशेष उपयोग मामलों पर काम किया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में टीआई क्लीन मोबिलिटी ने 117 डीलरशिप का नेटवर्क तैयार किया है, जो उद्योग के कुल एड्रेसेबल मार्केट के करीब 65–70 प्रतिशत हिस्से को कवर करता है। हालांकि, महिंद्रा और पियाजियो जैसे स्थापित खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा तेज हुई है। अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कंपनी बिल ऑफ मटीरियल (BOM) लागत घटाने, डीलर एंगेजमेंट बढ़ाने और प्रमुख पावर कैटेगरी में नए उत्पाद लॉन्च करने पर ध्यान दे रही है।
कंपनी को इलेक्ट्रिक स्मॉल कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है, जहां अपनाने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। वहीं, हेवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में कंपनी सीमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे उद्योगों के लिए ग्राहक जरूरतों के अनुरूप विशेष समाधान विकसित कर रही है।