ऑस्ट्रेलिया का एक प्रमुख विश्वविद्यालय बेंगलुरु में अपना परिसर खोलने की योजना बना रहा है। यह कदम कर्नाटक की नवाचार क्षमता में भरोसे को दर्शाता है। भारत-ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते द्वारा व्यापार को बढ़ावा देंगे और नए अवसर पैदा करेंगे।
बेंगलुरु से आई खबर के अनुसार बेंगलुरु चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स (BCIC) ने बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलिया कर्नाटक के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है। इससे राज्य शिक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
यह बयान मंगलवार को बेंगलुरु में बीसीआईसी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आया, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुक्त व्यापार पर चर्चा का हिस्सा था।
ऑस्ट्रेलिया और कर्नाटक के बीच होगा अकादमिक सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान
कार्यक्रम में बोलते हुए, ऑस्ट्रेलियाई व्यापार और निवेश आयोग के व्यापार और निवेश आयुक्त (Trade and Investment Commissioner) विक सिंह ने ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों में बढ़ती गति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "इस विस्तारित साझेदारी में कर्नाटक एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।"
बयान में बताया गया कि यह साझेदारी मुख्य रूप से शिक्षा और तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख विश्वविद्यालय, न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय (UNSW), इस साल अगस्त में बेंगलुरु के मान्यता टेक पार्क में अपना परिसर खोलने की योजना बना रहा है।
राज्य और विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) इस महीने की शुरुआत में हस्ताक्षरित किया गया था। सिंह ने कहा "विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक होने के नाते, बेंगलुरु में अपनी उपस्थिति स्थापित करने का UNSW का निर्णय कर्नाटक के प्रतिभा इकोसिस्टम और नवाचार क्षमता में ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के विश्वास को दर्शाता है। यह परिसर ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच अकादमिक सहयोग, अनुसंधान साझेदारी और तकनीकी आदान-प्रदान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"