केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को शामिल करने की पहल को लेकर केंद्रीय मंत्रियों ने सराहना की है। उनका कहना है कि सरकार भारतीय दर्शन, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से प्रेरित होकर शिक्षा क्षेत्र में व्यापक और दूरदर्शी सुधारों की दिशा में काम कर रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा को आधुनिक बनाते हुए उसकी भारतीय आत्मा को बनाए रखना है।
राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली धीरे-धीरे विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की ओर अग्रसर हो रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत भारती एयरटेल फाउंडेशन के सहयोग से शिक्षकों के लिए एक विशेष ऐप विकसित किया गया, जिसका उद्घाटन नवंबर 2024 में किया गया था। यह ऐप शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने में सहायक साबित हो रहा है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में भारत की शिक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर एआई को अपना रही है। हाल ही में इस ऐप का एक नया और उन्नत संस्करण भी सीके-12 फाउंडेशन के सहयोग से लॉन्च किया गया है। इस नए संस्करण से शिक्षकों को और अधिक प्रभावी डिजिटल लर्निंग टूल्स उपलब्ध होंगे, जिससे पढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को सरल, रोचक और आधुनिक बनाया जा सकेगा।
शिक्षा के आधुनिकीकरण बढ़ावा दिया गया
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस प्रकार की सभी पहलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न के अनुरूप हैं, जिसमें भारतीय मूल्यों को केंद्र में रखते हुए शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने 2035 तक देश को उपनिवेशवादी सोच से पूरी तरह मुक्त करने का आह्वान किया है, ताकि भारत अपनी शिक्षा, सोच और दृष्टिकोण में आत्मनिर्भर बन सके।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप लागू किया जा रहा है, जिससे भारत की शिक्षा प्रणाली अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रतिबिंबित कर सके। एनईपी का उद्देश्य केवल रोजगारोन्मुखी शिक्षा ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिकता और समग्र विकास को भी बढ़ावा देना है।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने हर संबोधन में चाहे वह संसद हो, ‘मन की बात’ कार्यक्रम हो या कोई सार्वजनिक मंच राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की देश की सुरक्षा और संरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अर्जुन राम मेघवाल ने एक सेमिनार का भी उल्लेख किया, जिसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानव दर्शन’ और आज के एआई-आधारित युग में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस विमर्श का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि किस प्रकार भारतीय दार्शनिक विचार आधुनिक तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, के नैतिक, संतुलित और मानव-केंद्रित उपयोग का मार्गदर्शन कर सकते हैं।