बेंगलुरु में स्थित फिनटेक स्टार्टअप माइसा (Mysa) ने प्री-सीरीज़ A फंडिंग राउंड में 3.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पूंजी जुटाई है। इस निवेश दौर का सह-नेतृत्व ब्लूम वेंचर्स और पाइपर सेरिका ने किया। इसके अलावा, इस राउंड में आइकेमोरी वेंचर्स, रेज़ फाइनेंशियल सर्विसेज, क्यूईडी इनोवेशन लैब्स तथा मौजूदा निवेशकों एंटलर, आईआईएमए वेंचर्स और नीयॉन फंड ने भी भागीदारी की।
इस ताज़ा निवेश के साथ माइसा की कुल फंडिंग 6.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। इससे पहले, फरवरी 2025 में कंपनी ने ब्लूम वेंचर्स के नेतृत्व में 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सीड फंडिंग हासिल की थी। लगातार मिल रही निवेशकों की यह भागीदारी माइसा के बिज़नेस मॉडल और इसके भविष्य की विकास संभावनाओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
माइसा (Mysa) की स्थापना वर्ष 2023 में अर्पिता कपूर और मोहित रंगराजू द्वारा की गई थी। यह स्टार्टअप एक बी2बी फिनटेक प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जिसका उद्देश्य मध्यम आकार के व्यवसायों के लिए वित्त और बैंकिंग संचालन को आधुनिक बनाना है। माइसा एक एकीकृत प्रणाली प्रदान करता है, जो अकाउंट्स पेएबल को स्वचालित करती है, अपने ‘स्मार्ट स्कैन’ फीचर के माध्यम से इनवॉइस प्रोसेसिंग को सरल बनाती है, तथा वेंडर भुगतान, खर्च प्रबंधन और एआई-आधारित अकाउंटिंग रिकंसिलिएशन की सुविधा देती है।
यह प्लेटफॉर्म मौजूदा एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम और बैंक खातों के साथ आसानी से एकीकृत होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य मैनुअल प्रक्रियाओं को कम करना और परिचालन जोखिमों को घटाना है। स्टार्टअप के अनुसार, माइसा व्यवसायों को बेहतर नियंत्रण और ऑडिटेबिलिटी प्रदान करता है, साथ ही अक्षमताओं, धोखाधड़ी और कर रिसाव से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है।
माइसा की सेवाओं में वेंडर प्रबंधन, जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की जांच, मल्टी-बैंक भुगतान संचालन और खर्च से जुड़े वर्कफ़्लो शामिल हैं, जो भारत के तेज़ी से बढ़ते मिड-मार्केट सेगमेंट की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
माइसा की, को-फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अर्पिता कपूर के अनुसार, आज वित्तीय टीमों से अपेक्षा की जाती है कि वे अधिक जटिलता के बीच तेज़ी से काम करें, लेकिन इसके लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचा अभी तक विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि माइसा एक एआई-संचालित ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जो बिना किसी माइग्रेशन और शून्य शुरुआती लागत के मौजूदा ERP सिस्टम और बैंकों के साथ सहज रूप से जुड़ जाता है, जिससे टीमें बिना परिचालन जोखिम बढ़ाए अपने कार्यों का विस्तार कर सकती हैं।
माइसा (Mysa) द्वारा जुटाई गई नई पूंजी का उपयोग कंपनी की एआई क्षमताओं को और मज़बूत करने तथा बैंकिंग-केंद्रित उत्पादों के विस्तार के लिए किया जाएगा। कंपनी की योजनाओं में एआई-सक्षम प्रोक्योरमेंट टूल्स, यूपीआई आधारित खर्च प्रबंधन समाधान और कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड की पेशकश शामिल है। इसके साथ ही, माइसा अपने वेंडर नेटवर्क का लाभ उठाते हुए एम्बेडेड फाइनेंसिंग के अवसरों को भी तलाश रही है, साथ ही बैंक साझेदारियों को बढ़ाने और पूरे भारत में अपने वितरण नेटवर्क को विस्तारित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
अपने सार्वजनिक लॉन्च के एक वर्ष से भी कम समय में माइसा का दावा है कि उसने वार्षिकीकृत आधार पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन को प्रोसेस किया है और देशभर में 40,000 से अधिक बैंक खातों में भुगतान की सुविधा प्रदान की है। यह आंकड़े कंपनी की तेज़ी से बढ़ती स्वीकार्यता और मजबूत परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं।
स्टार्टअप के अनुसार माइसा ने अब तक एक्सिस बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक सहित 15 से अधिक बैंकों के साथ एकीकरण किया है। वर्तमान में माइसा का उपयोग कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, फिनटेक और रियल एस्टेट जैसे विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां कर रही हैं। इसके प्रमुख ग्राहकों में धन (Dhan), विंट वेल्थ (Wint Wealth), ड्रिंकप्राइम (DrinkPrime) और मैटेरियल डिपो (Material Depot) शामिल हैं।