बॉश-टाटा ऑटोकॉम्प ने EV जॉइंट वेंचर को दी मंजूरी

बॉश-टाटा ऑटोकॉम्प ने EV जॉइंट वेंचर को दी मंजूरी

बॉश-टाटा ऑटोकॉम्प ने EV जॉइंट वेंचर को दी मंजूरी
बॉश लिमिटेड और टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स लिमिटेड ने भारत में e-axles और इलेक्ट्रिक मोटर्स के निर्माण के लिए 50-50 हिस्सेदारी वाला जॉइंट वेंचर बनाने का फैसला किया है।

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए बॉश लिमिटेड (Bosch Limited) और टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स लिमिटेड (Tata Autocomp Systems Limited) ने संयुक्त उद्यम (Joint Venture) बनाने का फैसला किया है। 18 मार्च 2026 को हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जबकि औपचारिक समझौता 23 मार्च 2026 को साइन किया जाएगा।

यह जॉइंट वेंचर कंपनी (JVCo) भारत में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में स्थापित होगी, जिसमें दोनों कंपनियों की 50-50% हिस्सेदारी होगी। कंपनी का मुख्य फोकस ई-एक्सल (e-axles) और इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर्स के निर्माण, बिक्री और आफ्टर-सेल्स सर्विस पर रहेगा, साथ ही भविष्य में अन्य प्रोडक्ट्स में विस्तार की भी संभावना रखी गई है।

जिम्मेदारियों के बंटवारे के तहत, बॉश अपनी वैश्विक EV पावरट्रेन इंजीनियरिंग और डेवलपमेंट विशेषज्ञता प्रदान करेगा, जबकि टाटा ऑटोकॉम्प रोज़मर्रा के ऑपरेशंस, प्रोक्योरमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन संभालेगा।

वित्तीय संरचना के अनुसार, JVCo की शुरुआती चुकता पूंजी ₹10 लाख होगी, जिसमें दोनों कंपनियां 5-5 लाख का योगदान देंगी। भविष्य में कंपनी की इक्विटी पूंजी को बढ़ाकर ₹94 करोड़ तक किया जा सकता है, जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी बनी रहेगी।

गवर्नेंस स्ट्रक्चर में 6 सदस्यों का बोर्ड होगा, जिसमें दोनों कंपनियां 3-3 डायरेक्टर नामित करेंगी। साथ ही, 5 साल का लॉक-इन पीरियड तय किया गया है, जिसके दौरान कोई भी पक्ष अपनी हिस्सेदारी किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर नहीं कर सकेगा (कुछ शर्तों के साथ)।

बॉश लिमिटेड का FY 2024-25 में टर्नओवर 18,087 करोड़ रुपये रहा, जबकि टाटा ऑटोकॉम्प का टर्नओवर 3,959 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस साझेदारी के जरिए दोनों कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ते ईवी बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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