मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर्स से एक कथित निवेश धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत पूछताछ की है। इस मामले में कुछ लोगों द्वारा कंपनी का नाम लेकर खुद को उसका प्रतिनिधि बताने का आरोप है।
यह पूछताछ 20 मार्च को बेंगलुरु के बेलंदूर पुलिस स्टेशन में हुई। इससे पहले यह मामला ठाणे में दर्ज किया गया था। एक सूत्र के अनुसार, “फाउंडर्स को जांच में सहयोग के लिए बुलाया गया था। जांच उन लोगों के नेटवर्क पर केंद्रित है, जिन्होंने कथित तौर पर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को धोखा दिया।”
यह मामला 16 मार्च को दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें कई लोगों के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आरोपियों ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए कंपनी और उसके फाउंडर्स की पहचान का गलत इस्तेमाल किया।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित से कुछ लोगों ने संपर्क किया, जिन्होंने खुद को एक क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताया। उन्होंने हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न देने का वादा किया और अपने दावों को सही साबित करने के लिए दस्तावेज और प्रमोशनल सामग्री भी साझा की।
मुम्ब्रा के एक इंश्योरेंस कंसल्टेंट ने आरोप लगाया कि उसने और उसके दो परिचितों ने मिलकर अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच 70 लाख रुपये से अधिक का निवेश किया। उन्हें जो प्लेटफॉर्म दिखाया गया, वह CoinDCX.pro के नाम से था, जो देखने में असली कंपनी से जुड़ा लगता था, लेकिन बाद में वह फर्जी निकला।
कंसल्टेंट ने ₹26.6 लाख, अजेन्द्र सिंह चौहान ने ₹25 लाख और नरेंद्र सिंह चौहान ने ₹20 लाख का निवेश किया था। लेकिन उन्हें कोई रिटर्न नहीं मिला और आरोपी बाद में गायब हो गए।
एक अधिकारी ने बताया, “जब रिटर्न आना बंद हो गया और संपर्क टूट गया, तब उन्होंने कंपनी के ऑफिस और संबंधित लोगों की पहचान की जांच करने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।”
इस मामले पर कंपनी ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और इसे पहचान के दुरुपयोग (इम्पर्सोनेशन) का मामला बताया है। कंपनी ने बयान में कहा, “हमारे को-फाउंडर्स के खिलाफ दर्ज एफआईआर गलत है और यह धोखेबाजों द्वारा हमारे नाम के दुरुपयोग का हिस्सा लगता है।”
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता उसका रजिस्टर्ड यूजर नहीं था और वह किसी तरह की फ्रेंचाइजी या गारंटीड रिटर्न वाली निवेश योजना नहीं चलाती है। “हमने ऐसे फ्रॉड को लेकर पहले भी चेतावनी जारी की है और हम जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं,” कंपनी ने कहा।
कंपनी ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में उसने कई फर्जी वेबसाइट्स की शिकायत साइबर सुरक्षा एजेंसियों से की है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में फाउंडर्स की गिरफ्तारी की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।