कल्चर-टेक स्टार्टअप मीमेराकी (MeMeraki) ने अपने अगले विकास चरण की ओर बढ़ते हुए एक महत्वपूर्ण निवेश हासिल किया है। कंपनी को यह अघोषित संस्थागत निवेश नेक्स्ट भारत वेंचर्स से प्राप्त हुआ है, जो जापान की सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन द्वारा समर्थित एक इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट शाखा है। यह फंडिंग भारत की पारंपरिक कारीगर अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मीमेराकी के प्रयासों को और गति देगी।
कंपनी द्वारा जुटाई गई नई पूंजी का उपयोग अपनी तकनीकी क्षमताओं को मज़बूत करने, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से वितरण नेटवर्क का विस्तार करने, टीम निर्माण, सप्लाई चेन में सुधार और कारीगर समुदायों के साथ संरचित एवं गहन सहभागिता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। यह निवेश मीमेराकी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह तकनीक और संस्कृति के संगम के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक बाज़ारों से जोड़ना चाहती है।
इस पूंजी के माध्यम से मीमेराकी अपने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन को डिजिटल और भौतिक दोनों चैनलों में व्यापक रूप से फैलाएगी और डिज़ाइन, टेक्नोलॉजी, साझेदारी तथा संचालन से जुड़ी अपनी टीमों का विस्तार करेगी। यह कदम न केवल कंपनी के व्यवसायिक विस्तार को समर्थन देगा, बल्कि देशभर के कारीगर समुदायों के लिए सतत आजीविका और वैश्विक पहचान के नए अवसर भी पैदा करेगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि वह ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन की तैयारियों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगी, ताकि निरंतर और स्थिर विकास को समर्थन मिल सके। इसके साथ-साथ, मीमेराकी कारीगर समुदायों के साथ अपनी सहभागिता को और गहरा करेगी। इसके लिए संरचित ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाएं, डिज़ाइन सपोर्ट और रिसर्च-आधारित कंटेंट निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कारीगरों की बाज़ार तक पहुंच बेहतर हो सके और उनकी आय में स्थिरता आए।
मीमेराकी की स्थापना वर्ष 2019 में योशा गुप्ता द्वारा की गई थी। यह एक कल्चर-टेक प्लेटफॉर्म है, जो पारंपरिक भारतीय कला और शिल्प को संरक्षित करने और उन्हें बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह मंच मास्टर कारीगरों को स्टोरीटेलिंग, वर्कशॉप्स और एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से डिजिटल दर्शकों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
वर्तमान में मीमेराकी का दावा है कि वह देशभर में 300 से अधिक पारंपरिक कला रूपों से जुड़े 500 से अधिक कलाकारों के साथ काम कर रहा है। इसके प्लेटफॉर्म पर 10,000 से अधिक हस्तनिर्मित उत्पाद उपलब्ध हैं, जिन्हें 40 से अधिक देशों के ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है। यह उपलब्धियां मीमेराकी के उस प्रयास को दर्शाती हैं, जिसके तहत वह भारतीय कारीगरों की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर (D2C) पेशकशों के अलावा, मीमेराकी ने एंटरप्राइज़-केंद्रित एक अलग वर्टिकल भी विकसित किया है। यह वर्टिकल कॉरपोरेट्स, सार्वजनिक संस्थानों और वैश्विक संगठनों के लिए बड़े पैमाने पर कला इंस्टॉलेशन, म्यूरल्स, सांस्कृतिक अभियानों और परामर्श परियोजनाओं को क्रियान्वित करता है। इस पहल के माध्यम से मीमेराकी पारंपरिक कला को आधुनिक व्यावसायिक और सार्वजनिक स्थानों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
मीमेराकी का दावा है कि उसने अब तक जीएमआर हैदराबाद एयरपोर्ट, संस्कृति मंत्रालय, गूगल, हुंडई, एडोबी जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ-साथ हांगकांग और सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए भी सफलतापूर्वक परियोजनाएं पूरी की हैं। यह साझेदारियां मंच की विश्वसनीयता और वैश्विक पहुंच को दर्शाती हैं।
अब तक, इस प्लेटफॉर्म ने कारीगरों के लिए 7 करोड़ रुपये से अधिक की नई आय सृजित की है, जिसमें औसतन 20 से 30 प्रतिशत तक की आय वृद्धि दर्ज की गई है। यह मीमेराकी के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करता है।
ताज़ा निवेश के साथ, मीमेराकी अपने परिचालन को सतत रूप से विस्तार देने की योजना बना रहा है और अगले चार से पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के व्यवसाय का लक्ष्य रखता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से एंटरप्राइज़ विस्तार और संस्थागत सहयोग को और गहरा करने के माध्यम से हासिल करने की योजना है।