देवयानी इंटरनेशनल अपने परिचालन को बढ़ाने के लिए सैफायर फूड्स का विलय करेगी

देवयानी इंटरनेशनल अपने परिचालन को बढ़ाने के लिए सैफायर फूड्स का विलय करेगी

देवयानी इंटरनेशनल अपने परिचालन को बढ़ाने के लिए सैफायर फूड्स का विलय करेगी
अप्रूवल प्रोसेस में लगभग 12 से 15 महीने लगने की उम्मीद है।


केएफसी और पिज्जा हट की संचालक कंपनी सैफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड का विलय एक अन्य प्रमुख रेस्तरां फ्रेंचाइजी कंपनी देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड में किया जाएगा। उपभोक्ता खर्च में मंदी के बीच दोनों कंपनियां अपने कारोबार को बढ़ाना चाहती हैं। कंपनियों ने गुरुवार, 1 जनवरी को एक बयान जारी कर प्रस्तावित विलय की घोषणा की।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत में फास्ट फूड ऑपरेटर कमजोर बिक्री और बढ़ती लागत के दबाव का सामना कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई के कारण उपभोक्ताओं ने बाहर खाना खाने और फूड डिलीवरी पर खर्च कम कर दिया है, जिससे पूरे सेक्टर में रेवेन्यू और मार्जिन प्रभावित हो रहे हैं।

प्रस्तावित सौदे के तहत देवयानी इंटरनेशनल, सैफायर फूड्स (Sapphire Foods) के शेयरधारकों द्वारा धारित प्रत्येक 100 शेयरों के बदले 177 इक्विटी शेयर जारी करेगी। देवयानी को उम्मीद है कि विलय प्रभावी होने के बाद दूसरे पूर्ण वर्ष से संयुक्त इकाई से प्रति वर्ष 210 करोड़ रुपये से 225 करोड़ रुपये तक का तालमेल लाभ प्राप्त होगा।

इस लेनदेन के तहत समूह की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल, सैफायर फूड्स के मौजूदा प्रमोटरों से इसकी लगभग 18.5 प्रतिशत चुकता इक्विटी का अधिग्रहण करेगी, जिसमें आपसी सहमति से चुने गए निवेशक को यह हिस्सेदारी सौंपने का विकल्प भी शामिल है। इस विलय के लिए स्टॉक एक्सचेंजों, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरणों और दोनों कंपनियों के शेयरधारकों और लेनदारों से अनुमोदन की आवश्यकता होगी। अनुमोदन प्रक्रिया में लगभग 12 से 15 महीने लगने की उम्मीद है।

देवयानी और सैफायर फूड्स दोनों ही यम ब्रांड्स की फ्रैंचाइज़ पार्टनर हैं और भारत और विदेशों में मिलकर 3,000 से अधिक आउटलेट संचालित करती हैं। उनके पोर्टफोलियो में केएफसी और पिज़्ज़ा हट जैसे आउटलेट शामिल हैं और वे वेस्टलाइफ़ फ़ूडवर्ल्ड और जुबिलेंट फूडवर्क्स जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करती हैं।

फाइलिंग में कहा गया है कि "लेनदेन पूरा होने पर देवयानी इंटरनेशनल भारत में सबसे बड़े क्विक सर्विस रेस्टोरेंट संचालकों में से एक बन जाएगा।"

देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रवि जयपुरिया ने कहा "देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड और सैफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड का विलय हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और निर्णायक कदम है, जिसके परिणामस्वरूप डीआईएल को केएफसी और पिज़्ज़ा हट ब्रांडों के लिए पूरे भारतीय बाज़ार में फ़्रेंचाइज़ अधिकार प्राप्त हो गए हैं। इस विलय से श्रीलंका में हमारी मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी जुड़ गई है, जो हमारे मौजूदा विदेशी परिचालनों को पूरक बनाती है।"

वित्तीय दृष्टि से, दोनों कंपनियों को हाल की तिमाहियों में दबाव का सामना करना पड़ा है। सितंबर में समाप्त तिमाही में सैफायर फूड्स की समेकित कुल लागत में साल दर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 768 करोड़ रुपये हो गई, जबकि देवयानी के खर्च में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,408 करोड़ रुपये हो गई। अत: देवयानी को 21.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि सैफायर फूड्स को 12.77 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।

 

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