केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में भारत कॉमर्स चिंतन शिविर के तहत एक उच्चस्तरीय सीईओ राउंडटेबल का आयोजन किया गया। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) की ओर से आयोजित इस बैठक में भारत की 40 से अधिक प्रमुख FMCG कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य ONDC DigiDukaan के माध्यम से देश के जनरल ट्रेड इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और उसे डिजिटल रूप से विकसित करने के लिए साझा रोडमैप तैयार करना था।
इस बैठक में भारत के जनरल ट्रेड सेक्टर को मजबूत बनाने और छोटे कारोबारियों को सशक्त करने पर चर्चा हुई। देश की खुदरा अर्थव्यवस्था और लाखों स्थानीय दुकानदारों की आजीविका में इस सेक्टर की अहम भूमिका है। चर्चा में FMCG कंपनियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और अन्य उद्योग भागीदारों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल खरीद प्रक्रिया को बढ़ावा देना, सप्लाई चेन को अधिक कुशल बनाना और किराना दुकानों को प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है। DigiDukaan के जरिए DPIIT और ONDC एक साझा डिजिटल व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं, जिससे छोटे दुकानदारों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और उनका कारोबार लंबे समय तक टिकाऊ बना रहे।
नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित इस बैठक में Hindustan Unilever (HUL), Coca-Cola India, ITC, P&G, Marico, CavinKare, Pidilite, Britannia, Adani Wilmar, LT Foods, Anmol Industries, Haldiram’s, Emami, Veeba और Nilon’s जैसी कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, टेक्नोलॉजी पार्टनर्स और ONDC नेटवर्क से जुड़े अन्य भागीदारों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
किराना दुकानों को डिजिटल बनाने के पारंपरिक तरीकों में आमतौर पर उन्हें ऑनलाइन सामान बेचने में सक्षम बनाने पर ध्यान दिया जाता है। इसके विपरीत, ONDC DigiDukaan का फोकस दुकानदारों की खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाना है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किराना दुकानदार एक ही डिजिटल इंटरफेस पर कई ब्रांडों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और थोक विक्रेताओं के उत्पाद देख सकते हैं और ऑर्डर दे सकते हैं। इससे उन्हें कीमतों, व्यापारिक योजनाओं और उत्पादों की उपलब्धता की जानकारी अधिक पारदर्शी तरीके से मिल सकती है।
इस पहल का उद्देश्य मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को हटाना नहीं, बल्कि उसे मजबूत बनाना है। आगे चलकर इसी साझा डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से दुकानदारों को लॉजिस्टिक्स, औपचारिक ऋण और अन्य व्यावसायिक सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने की योजना है। इससे जनरल ट्रेड सेक्टर में कारोबार करने की प्रक्रिया अधिक सरल हो सकती है और लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
जनरल ट्रेड सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं
बैठक में भारत के जनरल ट्रेड इकोसिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
1. किराना दुकानों की साझा डिजिटल पहचान: एक ऐसी एकीकृत और इंटरऑपरेबल डिजिटल पहचान विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे दुकानदार अलग-अलग ब्रांडों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और सेवा प्रदाताओं से आसानी से जुड़ सकें। इससे उन्हें बार-बार अलग-अलग डिजिटल सिस्टम पर पंजीकरण या प्रक्रियाएं पूरी करने की जरूरत कम होगी।
2. साझा लॉजिस्टिक्स और माइक्रो-वेयरहाउसिंग: ऐसी साझा व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर्स अधिक दुकानों तक कुशलतापूर्वक सामान पहुंचा सकें। इसमें उन दुकानों को भी शामिल करने पर जोर है, जो मौजूदा डिलीवरी रूट से बाहर हैं। इसका उद्देश्य जरूरत के अनुसार अगले दिन तक सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
3. औपचारिक ऋण तक पहुंच: डिजिटल खरीद और लेन-देन के आंकड़ों के आधार पर वित्तीय समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इससे दुकानदारों की अनौपचारिक उधार पर निर्भरता कम हो सकती है और उन्हें कारोबार चलाने के लिए जरूरी पूंजी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
4. टेक्नोलॉजी को जोड़ने की प्रक्रिया सरल बनाना: डिस्ट्रीब्यूटर मैनेजमेंट सिस्टम (DMS) को जोड़ने के लिए आसान तकनीकी कनेक्टर, मानकीकृत उत्पाद कैटलॉग और साझा डिजिटल इंटरफेस विकसित करने पर जोर दिया गया। इससे कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए नेटवर्क से जुड़ना आसान हो सकता है।
5. व्यावसायिक प्रोत्साहन व्यवस्था में बदलाव: FMCG कंपनियों को अपनी सेल्स टीमों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और अन्य चैनल पार्टनर्स के लिए प्रोत्साहन व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल ऑर्डरिंग, अधिक दुकानों तक पहुंच और दुकानदारों की निरंतर भागीदारी को सभी संबंधित पक्षों के लिए व्यावसायिक रूप से लाभकारी बनाना है।
DigiDukaan से 21,000 से अधिक दुकानदार जुड़े
सितंबर 2026 तक DigiDukaan ने हैदराबाद, जयपुर और मुंबई में 21,000 से अधिक दुकानदारों को 450 से अधिक ब्रांडों से जोड़ा था। पिछले तिमाही में यह संख्या 12,000 से अधिक थी। हैदराबाद में 16,000 से अधिक दुकानदार इस नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। यहां हर महीने दोबारा ऑर्डर देने वाले दुकानदारों की दर 73–78 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है।
ONDC के शुरुआती रिटेलर अध्ययन में यह भी सामने आया कि सर्वे में शामिल 40 प्रतिशत दुकानदारों ने DigiDukaan के माध्यम से खरीदे गए उत्पादों के लिए अपने स्टॉक में कमी आने की जानकारी दी। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल खरीद प्रक्रिया दुकानदारों के लिए स्टॉक प्रबंधन बेहतर बनाने और कारोबार में लगी पूंजी का अधिक कुशल इस्तेमाल करने में मददगार हो सकती है।
पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से मिलकर काम करने की अपील की
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “ONDC का DigiDukaan दिखाता है कि जब खुला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर छोटे दुकानदारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है, तो उसे अपनाने की संभावना बढ़ जाती है। इसे ऐसा उदाहरण बनाना चाहिए, जिससे दुनिया भारत से सीख सके। खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर तथा डिस्ट्रीब्यूटर्स को मजबूत करके हम किराना दुकानदारों को अपनी कार्यशील पूंजी का बेहतर इस्तेमाल करने और कारोबार बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। मैं FMCG उद्योग से अपील करता हूं कि वह मिलकर काम करे और इस पहल को भारत के हर कोने तक पहुंचाए।”
DPIIT ने डिजिटल रिटेल इकोसिस्टम को मजबूत करने पर दिया जोर
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा, “भारत के खुदरा कारोबार को डिजिटल बनाने में खुला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अहम भूमिका निभा सकता है, खासकर देश में बड़ी संख्या में मौजूद किराना दुकानों के लिए। ONDC का DigiDukaan इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दिखाता है कि एक खुला और आपस में जुड़कर काम करने वाला नेटवर्क स्थानीय दुकानदारों को डिजिटल खरीद के अवसर उपलब्ध करा सकता है और उन्हें तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक प्रभावी ढंग से भाग लेने में मदद कर सकता है। किराना दुकानदारों, FMCG कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को एक साझा नेटवर्क पर जोड़कर DPIIT और ONDC देश में अधिक जुड़ा हुआ और कुशल जनरल ट्रेड इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर बढ़ाई जा रही भागीदारी
नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड (NTWB), जिसके अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी हैं, किराना दुकानदारों के बीच DigiDukaan को अपनाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए ONDC के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस सहयोग के तहत स्थानीय व्यापार संघों को जोड़ने, दुकानदारों की भागीदारी बढ़ाने और छोटे कारोबारियों को डिजिटल खरीद तथा अधिक कुशल वितरण नेटवर्क का लाभ दिलाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
ONDC का लक्ष्य पूरे जनरल ट्रेड इकोसिस्टम को जोड़ना
ONDC के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ विभोर जैन ने कहा, “डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। बिलिंग, प्रिंटिंग और ऑर्डर देने जैसे कई काम अब ऑनलाइन हो रहे हैं। लेकिन ज्यादातर छोटी किराना दुकानें अभी भी पेन, कागज और अपनी याददाश्त के आधार पर काम करती हैं। DigiDukaan के जरिए ONDC भारत के जनरल ट्रेड सेक्टर के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। हम किराना दुकानों को खरीदार के रूप में डिजिटल बना रहे हैं और मौजूदा डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क को हटाने के बजाय मजबूत कर रहे हैं।
“हमारा उद्देश्य दुकानदारों को केवल एक और ऐप से जोड़ना नहीं है, बल्कि ऐसा साझा डिजिटल आधार तैयार करना है, जिससे पूरे जनरल ट्रेड इकोसिस्टम की कार्यक्षमता बेहतर हो। एक दुकानदार को एक ही इंटरफेस के जरिए कई ब्रांडों तक पहुंच, पारदर्शी व्यापारिक योजनाएं, समय पर सामान की आपूर्ति और आगे चलकर औपचारिक ऋण की सुविधा मिलनी चाहिए।”
FMCG, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स कंपनियां नेटवर्क से जुड़ रहीं
DigiDukaan के तहत ONDC पर FMCG ब्रांडों, टेक्नोलॉजी कंपनियों और लॉजिस्टिक्स भागीदारों का नेटवर्क बढ़ रहा है। HUL, Marico, Colgate-Palmolive, Emami और Amul जैसी प्रमुख FMCG कंपनियां अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से इसमें भाग ले रही हैं। वहीं, ITC, Tata Consumer Products और Britannia नेटवर्क से जुड़ने या एकीकरण की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में हैं।
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में Paytm for Business, Qwipo और Mulltiply.ai नेटवर्क पर सक्रिय हैं। इसके अलावा, Bizom, Botree, QuIDPe और ENS जैसे प्रमुख DMS और टेक्नोलॉजी प्रदाता नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में ElasticRun, Shiprocket, India Post और Moeving जैसे भागीदार भी इस विस्तारित नेटवर्क का हिस्सा हैं। इनकी भागीदारी से किराना दुकानदारों के लिए खरीद प्रक्रिया आसान बनाने, अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंच उपलब्ध कराने और सामान की आपूर्ति तेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुंबई में नेटवर्क का विस्तार करने पर ONDC का फोकस
DigiDukaan के अगले चरण में ONDC मुंबई, विशेष रूप से उत्तर मुंबई में, अधिक FMCG ब्रांडों और डिस्ट्रीब्यूटर्स की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। इसके साथ ही हैदराबाद, जयपुर और मुंबई जैसे मौजूदा बाजारों में संचालन को मजबूत बनाने की योजना है, ताकि अधिक किराना दुकानदार इस डिजिटल खरीद व्यवस्था से जुड़ सकें।