बेंगलुरु स्थित स्लीप और कम्फर्ट सॉल्यूशंस निर्माता ड्यूरोफ्लेक्स (Duroflex) उत्तरी और पश्चिमी भारत में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जैकब जॉर्ज के अनुसार, यह रणनीति दक्षिण भारत पर निर्भरता कम करने और प्रीमियम सेगमेंट में विकास के नए अवसरों को भुनाने पर केंद्रित है।
आईपीओ की तैयारी कर रही ड्यूरोफ्लेक्स की अब तक की अधिकांश आय दक्षिण भारत से आती रही है, लेकिन कंपनी अब पैन-इंडिया मौजूदगी को संतुलित करने पर जोर दे रही है। वर्तमान में दक्षिण भारत से लगभग 65 प्रतिशत राजस्व आता है, जबकि अन्य क्षेत्रों का योगदान 30–35 प्रतिशत है और इन बाजारों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है।
इस विस्तार को समर्थन देने के लिए कंपनी ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान इंदौर में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का अधिग्रहण किया था, जो अब पश्चिमी, मध्य और उत्तरी भारत, खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे बाजारों की आपूर्ति का अहम केंद्र बन चुकी है। कंपनी के अनुसार, यह प्लांट वैश्विक स्तर के मैन्युफैक्चरिंग मानकों के अनुरूप काम कर रहा है।
ड्यूरोफ्लेक्स के पास वर्तमान में 73 कंपनी-स्वामित्व और कंपनी-संचालित (COCO) स्टोर्स हैं और देशभर में 5,500 से अधिक ट्रेड आउटलेट्स के माध्यम से इसकी मौजूदगी है। कंपनी आने वाले समय में इस नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना बना रही है।
मैट्रेस और पिलो के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़ते हुए, ड्यूरोफ्लेक्स रिक्लाइनर्स, सोफा, अपहोल्स्टर्ड बेड और स्मार्ट बेड जैसे सेगमेंट्स में भी विस्तार कर रही है। हाल ही में कंपनी ने अपनी स्वामित्व वाली ‘एयरबूस्ट’ (AirBoost) तकनीक पर आधारित नया मैट्रेस रेंज भी लॉन्च किया है, जिसमें एक लाख से अधिक माइक्रो-सपोर्ट पॉइंट्स शामिल हैं।
कंपनी की रणनीति का एक अहम हिस्सा इसका हाउस-ऑफ-ब्रांड्स मॉडल है। वैल्यू सेगमेंट में Perfect Rest, मिड-प्रीमियम और प्रीमियम सेगमेंट में Duroflex, सुपर-प्रीमियम कैटेगरी में Wave और Neuma, तथा युवा और डिजिटल-फर्स्ट उपभोक्ताओं के लिए Sleepyhead ब्रांड के जरिए कंपनी विभिन्न उपभोक्ता वर्गों को लक्षित कर रही है।
इस रणनीति का असर कंपनी की लाभप्रदता पर भी दिखा है। पिछले तीन वर्षों में ड्यूरोफ्लेक्स का EBITDA वित्त वर्ष 2023 में लगभग ₹57–58 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में करीब ₹98 करोड़ तक पहुंच गया है।
ड्यूरोफ्लेक्स ने अक्टूबर में सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। प्रस्तावित आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग नए COCO स्टोर्स खोलने, लीज से जुड़े खर्चों, मार्केटिंग और ब्रांड बिल्डिंग के साथ-साथ सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
1963 में स्थापित ड्यूरोफ्लेक्स भारत की शीर्ष तीन मैट्रेस कंपनियों में शामिल है और मैट्रेस, फोम, फर्नीचर, पिलो और अन्य बेडिंग प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में इसकी मजबूत मौजूदगी है।