शिक्षा मंत्री ने एआई और मानव संतुलन पर जोर देते हुए स्पेनिश विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया

शिक्षा मंत्री ने एआई और मानव संतुलन पर जोर देते हुए स्पेनिश विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया

शिक्षा मंत्री ने एआई और मानव संतुलन पर जोर देते हुए स्पेनिश विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देती है और इसी दृष्टि से हमने स्पेन के प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान


नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उद्देश्य मानवीय निर्णय क्षमता, रचनात्मकता और नैतिक जिम्मेदारी को सशक्त करना होना चाहिए, न कि उसे प्रतिस्थापित करना। उन्होंने यह बात 19-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत- स्पेन उच्च शिक्षा सम्मेलन के समापन सत्र में कही। यह सम्मेलन स्पेन- भारत द्विपक्षीय वर्ष 2026 के दौरान दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

मंत्री प्रधान ने कहा कि "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देती है और इसी दृष्टि से उन्होंने स्पेन के प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने दोहराया कि भारत उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के लिए एक खुला, सुरक्षित और स्वागत योग्य गंतव्य है।"

AI, शिक्षा और मानव मूल्यों का संतुलन

सम्मेलन के दौरान आयोजित 'India AI Impact Summit 2026' का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि एआई को मानव मूल्यों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक देशों को जिम्मेदार नवाचार का नेतृत्व करना चाहिए और भारत तथा स्पेन इस दिशा में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शैक्षिक सहयोग से होने वाले प्रमुख लाभ

भारत- स्पेन शैक्षणिक साझेदारी से शिक्षा जगत को कई ठोस लाभ मिलने की उम्मीद है:

संयुक्त अनुसंधान और नवाचार:
एआई, क्लाइमेट स्टडीज़, हेल्थ साइंसेज़ और इंजीनियरिंग में साझा परियोजनाएं
छात्र और शिक्षक आदान-प्रदान: वैश्विक एक्सपोज़र, बहुसांस्कृतिक सीख और अकादमिक गुणवत्ता में वृद्धि
स्किल और रोजगार अवसर: अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों से कौशल उन्नयन और वैश्विक रोजगार के रास्ते
स्टार्टअप और उद्यमिता समर्थन: विश्वविद्यालय - उद्योग सहयोग से इनोवेशन इकोसिस्टम मजबूत
एआई-संचालित लर्निंग: नैतिक और मानव-केंद्रित एआई के साथ स्मार्ट क्लासरूम और रिसर्च लैब्स का विकास

उच्च शिक्षा नेतृत्व की प्रतिक्रिया

उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने सम्मेलन को सफल बताते हुए कहा कि इसने दोनों देशों की उच्च शिक्षा प्रणालियों के नेताओं को एक मंच पर लाकर दीर्घकालिक सहयोग की नींव रखी है। भारत में स्पेन के राजदूत Juan Antonio March Pujol ने इसे सहयोगात्मक प्रक्रिया की शुरुआत बताया, जिसमें संयुक्त अनुसंधान, शिक्षक- छात्र गतिशीलता और स्टार्टअप समर्थन शामिल हैं। उन्होंने 2026 में इस सहयोग को और विस्तार देने की उम्मीद जताई।

वहीं, Conference of Rectors of Spanish Universities (CRUE) की अध्यक्ष प्रोफेसर Eva Alcón ने कहा कि स्पेनिश विश्वविद्यालय भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।

भागीदारी और आगे की राह

सम्मेलन में 30 से अधिक स्पेनिश रेक्टर और 70 भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों ने भाग लिया। यह सहभागिता दोनों देशों के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

निष्कर्ष: भारत- स्पेन उच्च शिक्षा सहयोग न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा, बल्कि मानव-केंद्रित एआई, कौशल विकास और वैश्विक नागरिकता को भी सशक्त करेगा, जिससे दोनों देशों के युवाओं के लिए नए अवसर और साझा प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा।

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