Epsilon का नया एनोड सस्टेनेबल एनर्जी स्टोरेज में बड़ा कदम

Epsilon का नया एनोड सस्टेनेबल एनर्जी स्टोरेज में बड़ा कदम

Epsilon का नया एनोड सस्टेनेबल एनर्जी स्टोरेज में बड़ा कदम
एप्सिलॉन एडवांस्ड मैटेरियल्स प्राइवेट लिमिटेड ने सोडियम-आयन बैटरियों के लिए इन-हाउस विकसित हार्ड कार्बन एनोड मैटिरियल लॉन्च किया है, जो ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए तैयार किया गया है।

एप्सिलॉन एडवांस्ड मैटेरियल्स प्राइवेट लिमिटेड (Epsilon Advanced Materials Private Limited) ने अपने इन-हाउस विकसित हार्ड कार्बन एनोड मैटिरियल की लॉन्चिंग की घोषणा की है, जिसे विशेष रूप से सोडियम-आयन बैटरियों के लिए तैयार किया गया है। यह तकनीक मुख्य रूप से ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ध्यान में रखकर विकसित की गई है, क्योंकि सोडियम-आयन केमिस्ट्री कम लागत और ज्यादा उपलब्ध रॉ मैटिरियल के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

कंपनी का यह सस्टेनेबल एनोड नारियल के खोल (coconut shell) जैसे कृषि अपशिष्ट को प्रोसेस करके तैयार किया गया है, जिसमें ग्रेफाइट पर निर्भरता पूरी तरह खत्म कर दी गई है। यह प्रक्रिया कम तापमान पर होने के कारण पारंपरिक एनोड उत्पादन की तुलना में लगभग 50% तक कम कार्बन उत्सर्जन करती है।

इस मटेरियल में हाई रिवर्सिबिलिटी, तेज चार्ज-डिस्चार्ज क्षमता और लंबी साइकिल लाइफ जैसी विशेषताएं शामिल हैं, जो इसे बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण (grid applications) के लिए उपयुक्त बनाती हैं।

विक्रम हांडा (Vikram Handa) ने कहा कि सोडियम-आयन तकनीक भारत जैसे देशों के लिए दीर्घकालिक एनर्जी स्टोरेज का एक व्यवहारिक समाधान है, क्योंकि इसमें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध कच्चे माल का उपयोग किया जा सकता है। कंपनी पहले ही कर्नाटक के बेल्लारी में ग्रेफाइट एनोड की उत्पादन सुविधा स्थापित कर चुकी है, जिसकी क्षमता 2028 तक 30,000 टन प्रति वर्ष और 2031 तक 1,00,000 टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

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