वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में जनवरी माह के दौरान गिरावट दर्ज की गई, जहां कुल पंजीकरण साल-दर-साल 3% घटकर लगभग 12 लाख इकाइयों पर आ गया। यह जानकारी परामर्श संस्था Benchmark Mineral Intelligence के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट में Reuters द्वारा दी गई। नीति परिवर्तनों और कमजोर मांग को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है।
दुनिया के सबसे बड़े ईवी बाजार चीन में पंजीकरण 20% गिरकर 6 लाख से नीचे आ गया, जो लगभग दो वर्षों का न्यूनतम स्तर है। यह गिरावट खरीद कर लागू होने और सरकारी सब्सिडी में कटौती के बाद देखी गई, जिससे उपभोक्ता मांग पर सीधा असर पड़ा।
उत्तरी अमेरिका में भी बाजार कमजोर रहा, जहां पंजीकरण 33% घटकर लगभग 85,000 इकाइयों पर आ गया। संयुक्त राज्य अमेरिका में ईवी बिक्री 2022 की शुरुआत के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। यह स्थिति Donald Trump प्रशासन के दौरान हुए नीतिगत बदलावों के बीच सामने आई है।
इसके विपरीत यूरोपीय संघ क्षेत्र में 24% वृद्धि दर्ज की गई और पंजीकरण 3.2 लाख से अधिक रहे, हालांकि यह वृद्धि दर पिछले वर्ष की तुलना में धीमी मानी जा रही है। वहीं एशिया और अन्य उभरते बाजारों में प्रोत्साहन योजनाओं और बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक ऑटो उद्योग अब रणनीति में बदलाव कर रहा है, जिसमें चीनी निर्माता निर्यात बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। साथ ही उपभोक्ताओं के बीच हाइब्रिड वाहनों की मांग बढ़ रही है, जिसे पारंपरिक ईंधन और पूर्ण इलेक्ट्रिक तकनीक के बीच एक व्यावहारिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।