ओएमसी पावर (OMC Power ) ने इलेक्ट्रिक वाहनों की पुरानी बैटरियों को दोबारा उपयोग में लाकर एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन उपलब्ध कराने की घोषणा की है। कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ रोहित चंद्रा के अनुसार, यह पहल घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति (UPS) तथा हाइब्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम में उपयोग होगी।
इस पहल के तहत होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड (Honda Motor Co. Ltd) तीन वर्ष तक उपयोग की जा चुकी इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों की सप्लाई करेगी। अक्टूबर 2025 में होंडा ने कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी हासिल की थी और अगले सात वर्षों तक प्रयुक्त बैटरियाँ उपलब्ध कराएगी। कंपनी इन बैटरियों को अपने मानेसर स्थित प्लांट में असेंबल कर एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में एकीकृत करेगी।
चंद्रा ने कहा कि भारत में ईवी बैटरियों का पुनः उपयोग एक उभरता हुआ क्षेत्र है और वाहन उपयोग के बाद बैटरियों के प्रबंधन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह मॉडल व्यावहारिक समाधान बन सकता है। कंपनी ने इस दिशा में पायलट परियोजनाएँ भी पूरी कर ली हैं, जिनमें हरदोई के एक विद्यालय में सौर रूफटॉप और बैटरी आधारित ऊर्जा प्रणाली शामिल है।
इसके अलावा कंपनी 2030 तक 1 गीगावॉट पीक (GWp) नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने के लिए 4,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इस लक्ष्य में से 600 मेगावॉट पीक रूफटॉप सोलर परियोजनाओं से प्राप्त करने की योजना है, जबकि वर्तमान क्षमता 75 मेगावॉट पीक है।