डीपटेक पर केंद्रित वेंचर कैपिटल फर्म एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स ने पिछले 12 महीनों में तीन महत्वपूर्ण रणनीतिक एग्ज़िट पूरे किए हैं और इसके साथ ही अपने चौथे फंड (फंड IV) के लिए फंडरेज़िंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया कि इन सफल एग्ज़िट्स के चलते उसके फंड II (2016 में लॉन्च) के निवेशकों को पूरा पूंजी प्रतिफल (फुल रिटर्न ऑफ कैपिटल) प्राप्त करने की स्थिति बन गई है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारतीय डीपटेक कंपनियों के लिए वैश्विक स्तर पर मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल के एग्ज़िट्स में सबसे उल्लेखनीय सौदा किनारा.एआई (Kinara.ai) का रहा, जिसे वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनी एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स (NXP Semiconductors) ने अधिग्रहित किया। इस अधिग्रहण को भारत से जुड़ा एक प्रमुख डीपटेक एमएंडए सौदा माना जा रहा है।
इसके अलावा, एक्सफिनिटी ने अपने पोर्टफोलियो की लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी कंपनी लोकस (Locus) से भी एग्ज़िट किया, जिसे इंग्का ग्रुप (Ingka Group) आईकिया (IKEA) की होल्डिंग कंपनी ने अधिग्रहित किया। यह सौदा इंग्का ग्रुप की लास्ट-माइल डिलीवरी ऑप्टिमाइज़ेशन क्षमताओं को मजबूत करने में सहायक माना जा रहा है।
एक अन्य सौदे में एक्सफिनिटी ने अपने 2020 विंटेज फंड की पोर्टफोलियो कंपनी एआई पैलेट (AI Palette) से भी एग्ज़िट किया, जब उसे वैश्विक डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडेटा (GlobalData) ने अधिग्रहित किया।
इन सफल एग्ज़िट्स के साथ, एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स ने न केवल अपने निवेशकों के लिए मजबूत रिटर्न सुनिश्चित किया है, बल्कि भारत के डीपटेक इकोसिस्टम में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करते हुए नए फंड के माध्यम से अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी कंपनियों में निवेश की तैयारी भी शुरू कर दी है।
एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स के अनुसार फंड II के शानदार प्रदर्शन में एडटेक स्टार्टअप पिक्सिस (Pixis) में किया गया निवेश एक प्रमुख योगदानकर्ता रहा है। फंड ने पहले पिक्सिस में आंशिक एग्ज़िट किया था, जिससे 60 गुना MOIC (मल्टिपल ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल) प्राप्त हुआ, जबकि कंपनी में अब भी एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनाए रखी गई है। MOIC किसी निवेश पर प्राप्त कुल मूल्य को मूल निवेश के अनुपात में मापने का एक प्रमुख संकेतक होता है।
एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स के मैनेजिंग पार्टनर शैलेश घोरपड़े ने कहा “हम इस समय वैश्विक उद्यमों के नवाचार और विकास को लेकर सोचने के तरीके में एक स्पष्ट बदलाव देख रहे हैं। भारतीय मूल की डीपटेक कंपनियों का फॉर्च्यून 500 और बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बार-बार अधिग्रहण यह दर्शाता है कि रणनीतिक एमएंडए अब आईपीओ, ग्रोथ-स्टेज फंडिंग राउंड और प्राइवेट इक्विटी परिणामों के साथ-साथ एक व्यवहार्य एग्ज़िट मार्ग बन चुका है।”
इन सकारात्मक रुझानों के बीच, एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स ने अपने चौथे फंड (फंड IV) के लिए फंडरेज़िंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी की योजना आने वाले वर्षों में फिजिकल एआई और रोबोटिक्स, नेक्स्ट-जेनरेशन सेमीकंडक्टर्स, एडवांस्ड साइबरसिक्योरिटी, जनरेटिव और एजेंटिक एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, लाइफ साइंसेज़, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी जैसे उभरते और उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों में निवेश करने की है।
यह रणनीति भारत के डीपटेक इकोसिस्टम में बढ़ते वैश्विक भरोसे और एक्सफिनिटी की दीर्घकालिक दृष्टि को दर्शाती है, जो नवाचार आधारित कंपनियों को वैश्विक स्तर पर स्केल करने में सक्षम बनाती है।