SIAT 2026: सुरक्षित और सस्टेनेबल मोबिलिटी में साइबर सुरक्षा अहम

SIAT 2026: सुरक्षित और सस्टेनेबल मोबिलिटी में साइबर सुरक्षा अहम

SIAT 2026: सुरक्षित और सस्टेनेबल मोबिलिटी में साइबर सुरक्षा अहम
SIAT 2026 में विशेषज्ञों ने स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों के विकास में साइबर सुरक्षा को एक बड़ी चुनौती बताया।

स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों के विकास में साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है। यह बात हाल ही में पुणे के मोशी स्थित पुणे इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (PIECC) में आयोजित 19वें सिम्पोज़ियम ऑन इंटरनेशनल ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (SIAT) 2026 के समापन समारोह में सामने आई।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के निदेशक डॉ. रेजी मैथाई ने कहा कि SIAT 2026 के दौरान हुई विशेषज्ञ चर्चाओं में साइबर सुरक्षा को स्मार्ट मोबिलिटी के लिए एक गंभीर चिंता के रूप में चिन्हित किया गया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के SIAT की थीम “सुरक्षित और सस्टेनेबल मोबिलिटी के लिए नवोन्मेषी मार्ग” रही, जिसमें साइबर सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आई।

डॉ. मैथाई ने कहा कि इसके अलावा एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के उच्च-स्तरीय सिमुलेशन के माध्यम से सत्यापन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, रेंज एंग्ज़ायटी और स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों की किफायती उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत को पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ हाइब्रिड तकनीकों पर भी ध्यान देना होगा, साथ ही चार्जिंग समय को अनुकूल बनाने और लागत घटाने के लिए स्मार्ट ग्रिड इंटीग्रेशन और व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) कम्युनिकेशन को अपनाना होगा। V2X तकनीक 5G और समर्पित रेडियो तकनीकों के माध्यम से वाहनों और नेटवर्क के बीच डेटा के आदान-प्रदान को संभव बनाती है, जिससे सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और स्वायत्त ड्राइविंग को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने भारत के 2030 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी लक्ष्य को सपोर्ट देने के लिए नीति स्तर पर सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर मौजूद केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात राज्य मंत्री भूपथी राजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि जैसे-जैसे भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, सुरक्षित, स्वच्छ और हरित मोबिलिटी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रमाणन, अनुसंधान और राष्ट्रीय पहलों के लिए तकनीकी सहयोग में ARAI की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान विकसित किए जा सकें।

SIAT 2026 में 2,500 से अधिक प्रतिनिधियों और लगभग 13,000 प्रदर्शनी आगंतुकों ने भाग लिया। सम्मेलन में 64 तकनीकी सत्र, आठ प्लेनरी प्रस्तुतियां और दो पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। कुल 248 तकनीकी शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें 33 अंतरराष्ट्रीय पत्र शामिल थे। इन सत्रों का मूल्यांकन 80 से अधिक निर्णायकों द्वारा किया गया। टाटा मोटर्स को बेस्ट पेपर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में हीरो मोटोकॉर्प के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीटीओ विक्रम कसबेकर, SAE इंडिया के अध्यक्ष डॉ. जी. नागराजन और SIAT 2026 के संयोजक डॉ. एन. एच. वाल्के सहित कई वरिष्ठ उद्योग एवं संस्थागत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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