एक्सपोनेंट एनर्जी ने जुटाए 200 करोड़, EV विस्तार को मिलेगी रफ्तार

एक्सपोनेंट एनर्जी ने जुटाए 200 करोड़, EV विस्तार को मिलेगी रफ्तार

एक्सपोनेंट एनर्जी ने जुटाए 200 करोड़, EV विस्तार को मिलेगी रफ्तार
बेंगलुरु की एक्सपोनेंट एनर्जी ने 360 ONE Asset और टीडीके वेंचर्स के नेतृत्व में 200 करोड़ की फंडिंग जुटाई है।कंपनी इस निवेश का उपयोग अपने 15-मिनट फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार, नए वाहन सेगमेंट्स में प्रवेश और R&D को मजबूत करने के लिए करेगी।

बेंगलुरु स्थित कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाली कंपनी Exponent Energy ने 200 करोड़ (लगभग 21.1 मिलियन डॉलर) की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व 360 ONE Asset और TDK Ventures ने संयुक्त रूप से किया। इस निवेश के साथ 2020 में स्थापना के बाद से कंपनी की कुल फंडिंग 65.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।

इस फंडिंग राउंड में कंपनी के सभी मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया, जिनमें Eight Roads Ventures, Lightspeed, 3one4 Capital और AdvantEdge VC शामिल हैं। वहीं, जापानी औद्योगिक प्रौद्योगिकी समूह की निवेश शाखा Hitachi Ventures ने पहली बार निवेश किया, जो भारत के ऊर्जा क्षेत्र में उसका पहला निवेश है। कंपनी के शुरुआती संस्थागत निवेशक योरनेस्ट (YourNest)  ने भी अपने कंटीन्यूम फंड (Continuum Fund) के माध्यम से अतिरिक्त 4 मिलियन डॉलर का निवेश किया।

एक्सपोनेंट एनर्जी की प्रमुख तकनीक उसके स्वामित्व वाले एनर्जी स्टैक पर आधारित है, जिसमें बैटरी पैक, चार्जिंग पंप और कनेक्टर शामिल हैं। यह तकनीक कमर्शियल ईवी को मात्र 15 मिनट में फुल चार्ज करने में सक्षम बनाती है और स्टैंडर्ड लिथियम-आयन सेल्स के साथ 3,000 चार्जिंग साइकिल की वारंटी प्रदान करती है। कंपनी का सिस्टम इंटरऑपरेबल है, जिससे वाहन चालक एक्सपोनेंट के चार्जिंग स्टेशनों के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक या घरेलू चार्जर्स का भी उपयोग कर सकते हैं।

कंपनी ने अपनी विकास रणनीति को तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया है—चार्जिंग एवं बैटरी टेक्नोलॉजी, Exponent OTO मोबिलिटी प्लेटफॉर्म और Exponent ONE फाइनेंसिंग एवं एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म। कंपनी का कहना है कि ये तीनों समाधान कमर्शियल EV अपनाने में आने वाली प्रमुख चुनौतियों—ऊर्जा उपलब्धता, उपयुक्त वाहन और वित्तीय पहुंच—को दूर करने में मदद करते हैं।

नई फंडिंग से प्राप्त पूंजी का उपयोग नए शहरों में विस्तार, अतिरिक्त वाहन श्रेणियों में प्रवेश और अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

कंपनी के फाउंडर और सीईओ अरुण विनायक (Arun Vinayak) ने कहा कि यह निवेश कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने लाखों चार्जिंग सत्रों के माध्यम से अपनी तकनीक की विश्वसनीयता साबित की है। अब "Exponent 2.0" चरण में कंपनी इस मजबूत तकनीकी आधार को भारत के कमर्शियल EV बाजार के लिए व्यापक ऊर्जा प्लेटफॉर्म में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

निवेशकों का मानना है कि कंपनी का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों पर पूर्ण नियंत्रण उसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है। Tobias Jahn ने कहा कि कंपनी की एकीकृत बैटरी और चार्जिंग तकनीक ही उसकी सेवा गारंटी और दीर्घकालिक राजस्व क्षमता की मजबूत नींव है।

वहीं, सुमित जैन (Sumit Jain) ने कहा कि एक्सपोनेंट एनर्जी का मॉडल फ्लीट ऑपरेटरों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यावसायिक रूप से अधिक व्यवहारिक बनाता है, जो निवेश का प्रमुख कारण रहा।

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