ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से ‘EV Assist’ नामक एक डिजिटल मार्केटप्लेस लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स को उनकी लोकेशन और बजट के अनुसार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर किराये पर लेने के विकल्प उपलब्ध कराएगा और कंपनी के लॉजिस्टिक्स संचालन के विद्युतीकरण को गति देगा।
कंपनी के अनुसार, यह सुविधा फिलहाल 20 से अधिक शहरों में फ्लिपकार्ट मिनट्स से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स के लिए उपलब्ध है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता विभिन्न साप्ताहिक किराया श्रेणियों में उपलब्ध इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना कर सकते हैं और सीधे मोबिलिटी सेवा प्रदाताओं से संपर्क कर वाहन आवंटन एवं ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
फ्लिपकार्ट ग्रुप के चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर राजनीश कुमार ने कहा कि जब लाखों डिलीवरी पार्टनर्स को इलेक्ट्रिक वाहनों तक पहुंचने का सरल और किफायती रास्ता मिलता है, तो इसका प्रभाव केवल कंपनी के संचालन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यापक स्तर पर स्वच्छ परिवहन को भी बढ़ावा मिलता है।
कंपनी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में उसके इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े का आकार दोगुने से अधिक बढ़ा है और 2025 के त्योहारी सीजन के दौरान यह संख्या 20,000 वाहनों के पार पहुंच गई थी। फ्लिपकार्ट ने वर्ष 2030 तक अपने लॉजिस्टिक्स संचालन में 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
फ्लिपकार्ट द्वारा 6,000 से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स पर किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 46 प्रतिशत प्रतिभागियों ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने की इच्छा जताई। हालांकि, वित्तपोषण की सीमित उपलब्धता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और ईवी इकोसिस्टम से जुड़ी चिंताएं अभी भी प्रमुख बाधाएं बनी हुई हैं। सर्वे में यह भी सामने आया कि लगभग 90 प्रतिशत डिलीवरी पार्टनर्स हर महीने पेट्रोल पर 2,000 से 5,000 रुपये तक खर्च करते हैं।
EV Assist प्लेटफॉर्म को इन चुनौतियों को कम करने के लिए विकसित किया गया है। यह विभिन्न मोबिलिटी प्रदाताओं के किराये के विकल्पों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है, जबकि वाहन की सर्विस और रखरखाव की जिम्मेदारी साझेदार कंपनियां संभालेंगी। इससे डिलीवरी पार्टनर्स पर स्वामित्व से जुड़ी जिम्मेदारियां कम होंगी।
यह प्लेटफॉर्म अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली और कन्नड़ भाषाओं में उपलब्ध है तथा दिल्ली-एनसीआर, पटना और बेंगलुरु सहित कई क्षेत्रों में इसे शुरुआती स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।