गुरुग्राम में स्थित First Bridge Business School अपने हर छात्र को प्रीमियम क्लाउड सब्सक्रिप्शन उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य मैनेजमेंट एजुकेशन में AI टूल्स को केवल वैकल्पिक कोर्स या अलग-अलग AI मॉड्यूल तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बनाना है।
First Bridge Business School (FBBS), गुरुग्राम में स्थित नई पीढ़ी का बिजनेस स्कूल है, जो एक्सपीरिएंशियल और इंडस्ट्री-लेड मैनेजमेंट एजुकेशन पर फोकस करता है। स्कूल ने घोषणा की है कि प्रोग्राम के तहत हर छात्र को प्रीमियम Claude सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा। वहीं बिजनेस स्कूल का कहना है कि यह पहल उसे भारत का पहला बी-स्कूल बनाती है, जो अपने पूरे छात्र समूह को प्रीमियम क्लाउड एक्सेस उपलब्ध करा रहा है। इस कदम का उद्देश्य मैनेजमेंट छात्रों की रोजमर्रा की पढ़ाई और प्रैक्टिस में एआई को शामिल करना है।
FBBS ने कहा कि यह पहल मैनेजमेंट एजुकेशन को लेकर उसके व्यापक नजरिए को दर्शाती है, जिसमें एआई को किसी वैकल्पिक विषय या अलग सब्जेक्ट के बजाय एक जरूरी मैनेजमेंट कैपेबिलिटी के रूप में देखा जाता है।
AI बनेगा रोजमर्रा की मैनेजमेंट लर्निंग का हिस्सा
संस्थान के अनुसार, बिजनेस एजुकेशन में बदलाव की जरूरत है, क्योंकि कंपनियां अब ग्रेजुएट्स से टेक्नोलॉजी, डेटा और एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हुए फैसले लेने की उम्मीद कर रही हैं। FBBS का कहना है कि मैनेजर की भूमिका भी बदल रही है, क्योंकि प्रोफेशनल्स अब अधूरी जानकारी और समय की कमी जैसी स्थितियों के बीच एआई सिस्टम के साथ काम कर रहे हैं।
स्कूल ने अपने करिकुलम, फैकल्टी मॉडल और असेसमेंट सिस्टम को इसी बदलते बिजनेस एनवायरनमेंट को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को एआई टूल्स की क्षमताओं के साथ-साथ उनकी सीमाओं को भी समझने में मदद करना है।
छात्रों को एआई टूल्स के साथ मिलेगा प्रैक्टिकल अनुभव
First Bridge Business School के डायरेक्टर राजीव रॉय ने कहा, “AI मैनेजर्स के काम करने के तरीके और उनकी जिम्मेदारियों को पूरी तरह बदलने वाला है। हमारा मानना है कि छात्रों को केवल ChatGPT या जनरेटिव एआई पर कुछ लेक्चर देकर एआई के बारे में प्रभावी तरीके से नहीं सिखाया जा सकता।”
रॉय ने कहा कि AI टूल्स तक पहुंच को उनके नियमित इस्तेमाल और प्रयोग के साथ जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर AI एक जरूरी मैनेजमेंट कैपेबिलिटी बनने जा रहा है, तो छात्रों के पास इन टूल्स की सीधी पहुंच होनी चाहिए। उन्हें इनका रोज इस्तेमाल करना चाहिए, इनके साथ प्रयोग करना चाहिए, गलतियां करनी चाहिए, नई चीजें बनानी चाहिए और समझना चाहिए कि ये टूल्स कहां काम करते हैं और कहां नहीं।”
प्रीमियम क्लाउड एक्सेस को स्कूल के एक्सपीरिएंशियल लर्निंग मॉडल का हिस्सा बनाया गया है। इसके जरिए छात्र कोर्सवर्क और अन्य मैनेजमेंट से जुड़ी गतिविधियों के दौरान एआई का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इस संदर्भ में FBBS ने कहा कि इस पहल का व्यापक उद्देश्य बिजनेस स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले विषयों और कंपनियों द्वारा मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स से अपेक्षित स्किल्स के बीच के अंतर को कम करना है। संस्थान छात्रों को ऐसे वर्कप्लेस के लिए तैयार करना चाहता है, जहां AI की मदद से निर्णय लेना और समस्याओं का समाधान करना लगातार अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है।