इनमें English and Foreign Languages University (EFLU) और National Skill Development Corporation (NSDC) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विदेशी भाषाओं के माध्यम से नई रोजगार संभावनाओं और वैश्विक करियर अवसरों के लिए तैयार करना था।
स्किल डेवलपमेंट पर बढ़ रहा युवाओं का फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान के युवाओं में मेहनत, नवाचार, उद्यमिता और नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की स्वाभाविक क्षमता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज के युवा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे स्किल डेवलपमेंट और व्यावहारिक शिक्षा पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान युवाओं के लिए करियर ग्रोथ का बड़ा माध्यम बन सकता है। विशेष रूप से यूरोपीय संघ (European Union) के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद विदेशी भाषा जानने वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है।
विदेशी भाषाएं खोलेंगी नए रोजगार के रास्ते
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह विभिन्न समाजों और संस्कृतियों को समझने और जोड़ने का भी जरिया है। उन्होंने कहा कि फ्रेंच, जर्मन, जापानी, कोरियन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाएं सीखने से युवाओं की Employability यानी रोजगार क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति बहुभाषी शिक्षा और वैश्विक सीखने को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके जरिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में नई पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और कौशल से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
मातृभाषा और विदेशी भाषा दोनों जरूरी : जयंत चौधरी
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरुआती शिक्षा में मातृभाषाओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषाएं हमारी संस्कृति, आत्मविश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बनाती हैं, जबकि विदेशी भाषाएं वैश्विक स्तर पर संवाद कौशल और पेशेवर अवसरों को बढ़ाती हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स और अंतरराष्ट्रीय भाषा कौशल भी जरूरी हो गए हैं।
रोजगार और पर्यटन क्षेत्र में बढ़ेंगे अवसर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विदेशी भाषा कौशल राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रहे पर्यटन के कारण गाइड, होटल मैनेजर, ट्रैवल एजेंट और विदेशी पर्यटकों से जुड़े व्यवसायों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों के कारण विदेशी भाषा जानने वाले युवाओं की मांग और अधिक बढ़ेगी।
युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का नुकसान हुआ था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया है। उन्होंने कहा कि अब तक 351 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा चुकी हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर काम कर रही है। स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से विदेशी भाषाएं सीखकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विदेशी भाषा प्रशिक्षण के लिए नई पहल
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के स्किल डेवलपमेंट विजन के तहत English and Foreign Languages University और National Skill Development Corporation के साथ साझेदारी की है। इसके जरिए युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी और कोरियन जैसी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह पहल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, पर्यटन उद्योग, शिक्षा, वैश्विक व्यापार और अन्य क्षेत्रों में बेहतर करियर अवसर दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।