SRM विश्वविद्यालय- आंध्र प्रदेश में अब AI के साथ होगी Economics और Psychology की पढ़ाई

SRM विश्वविद्यालय- आंध्र प्रदेश में अब AI के साथ होगी Economics और Psychology की पढ़ाई

SRM विश्वविद्यालय- आंध्र प्रदेश में अब AI के साथ होगी Economics और Psychology की पढ़ाई
SRM विश्वविद्यालय- आंध्र प्रदेश के Easwari School of Liberal Arts ने AI आधारित M.Sc. Economics और M.Sc. Psychology कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज को आधुनिक तकनीक और AI आधारित दुनिया की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।


इन कार्यक्रमों में छात्रों को एडवांस रिसर्च, विश्लेषण और व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। इसके लिए इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और AI इंटीग्रेशन पर विशेष जोर दिया जाएगा। योग्य छात्रों के लिए 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप और फीस में छूट की सुविधा भी दी जाएगी।

AI और विषय ज्ञान दोनों जरूरी: वाइस चांसलर

लॉन्च कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर सीएच सतीश कुमार ने कहा कि आज के समय में केवल विषय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को नई तकनीकों और AI की समझ भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं छात्रों का होगा जो अपने विषय की मजबूत जानकारी के साथ AI टूल्स का उपयोग करना जानते हों। उनके अनुसार, अर्थशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों में अब डेटा विश्लेषण, भविष्यवाणी और निर्णय लेने के लिए AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है। SRM AP उन शुरुआती विश्वविद्यालयों में शामिल है, जिसने पोस्टग्रेजुएट शिक्षा में इस स्तर पर AI को शामिल किया है।

Easwari School of Liberal Arts के डीन विष्णुपद ने बताया कि कई संस्थानों में AI को केवल अतिरिक्त विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, लेकिन ESLA में इसे पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों को इस तरह तैयार किया गया है कि AI छात्रों की विषय संबंधी समझ को और बेहतर बनाए। उन्होंने इसे स्कूल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, क्योंकि ये ESLA के पहले पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रम हैं।

M.Sc. Economics में डेटा साइंस और AI पर फोकस

M.Sc. Economics कार्यक्रम में आर्थिक सिद्धांतों के साथ AI आधारित टूल्स और डेटा साइंस को जोड़ा गया है, ताकि छात्र वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ सकें। यह भारत के शुरुआती AI इंटीग्रेटेड Economics कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है। इसमें पॉलिसी फ्रेमवर्क, कम्प्यूटेशनल मेथड्स और डेटा एनालिटिक्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छात्रों को Finance and Data Science या Development and Policy जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा। रिसर्च और अकादमिक क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए डिसर्टेशन का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। यह जानकारी अर्थशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर बोड्डू सृजना ने दी।

Psychology कार्यक्रम में रिसर्च और मशीन लर्निंग का समावेश

M.Sc. Psychology कार्यक्रम को रिसर्च आधारित डिग्री के रूप में तैयार किया गया है, ताकि तकनीक आधारित वातावरण में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इस कार्यक्रम में मनोविज्ञान के मूल सिद्धांतों के साथ AI आधारित एप्लिकेशन को शामिल किया गया है। पाठ्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य, संगठनात्मक व्यवहार और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर फोकस रहेगा। इसके अलावा एडवांस रिसर्च मेथड्स, साइकोमेट्रिक असेसमेंट, मशीन लर्निंग आधारित विश्लेषण और सिमुलेशन आधारित इंटरवेंशन प्लानिंग भी पढ़ाई जाएगी। मनोविज्ञान की पृष्ठभूमि न रखने वाले छात्रों के लिए ब्रिज कोर्स भी उपलब्ध होंगे। यह जानकारी मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष आयशा परवीन हारून ने दी।

छात्रों को मिलेंगे कई अध्ययन विकल्प

इन कार्यक्रमों में छात्रों को कई अध्ययन विकल्प भी दिए गए हैं। चार वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्र एक वर्षीय ट्रैक चुन सकते हैं, जबकि तीन वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्रों के लिए दो वर्षीय ट्रैक उपलब्ध रहेगा। B.Tech सहित विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के छात्र इन कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।

लॉन्च कार्यक्रम में वाई शिवा शंकर, वंदना स्वामी, पराग जयंत वाकनिस, उबैद मुश्ताक और पंकज बेलवरियार सहित कई शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।

भविष्य के विशेषज्ञ तैयार करने पर जोर

इन नए कार्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे भविष्य-तैयार अर्थशास्त्री और मनोवैज्ञानिक तैयार करना है, जो वैज्ञानिक सोच, मजबूत विश्लेषण क्षमता और आधुनिक तकनीक की समझ के साथ रिसर्च, इंडस्ट्री और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। विश्वविद्यालय का मानना है कि आने वाले समय में AI और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इसलिए छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी कौशल से भी लैस करना जरूरी है।

इन कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान विकसित करने की क्षमता भी दी जाएगी। छात्रों को रिसर्च प्रोजेक्ट्स, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग टूल्स और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। साथ ही विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, नीति निर्माण, कॉरपोरेट सेक्टर और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा सकें।


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