इस दौरान IIT मद्रास के इनक्यूबेशन सेंटर IITM Incubation Cell (IITMIC) ने कुल 112 स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया, जो पिछले साल के रिकॉर्ड को आगे बढ़ाता है। इसी के साथ संस्थान ने रिसर्च और इनोवेशन को मजबूत करते हुए FY26 में 431 पेटेंट भी फाइल किए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि IIT मद्रास रिसर्च को वास्तविक जीवन में उपयोगी तकनीकों में बदलने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में नया रिकॉर्ड, 500 से अधिक स्टार्टअप्स का पोर्टफोलियो
FY 2025-26 IIT मद्रास के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए कई मायनों में खास रहा। IITMIC के 13वें वर्ष में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स की कुल संख्या 500 के पार पहुंचकर 567 हो गई। इन स्टार्टअप्स का कुल मूल्यांकन 74,000 करोड़ रुपये (लगभग 8 अरब डॉलर) से अधिक है। इस पोर्टफोलियो में 2 यूनिकॉर्न कंपनियां, कई मर्जर और अधिग्रहण (M&A) शामिल हैं।
इस वर्ष का एक बड़ा आकर्षण Ather Energy का IPO रहा, जो IITMIC पोर्टफोलियो से निकलने वाली पहली पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी।
नए लक्ष्य और उपलब्धियां: ‘100 स्टार्टअप्स’ और ‘एक पेटेंट प्रतिदिन’
IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी (V Kamakoti) ने ‘हर साल 100 स्टार्टअप्स’ और ‘हर दिन एक पेटेंट’ का लक्ष्य तय किया था, जिसे अब संस्थान लगातार हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि IIT मद्रास में इनोवेशन की संस्कृति गहराई से विकसित हो चुकी है, जहां छात्र, फैकल्टी, शोधकर्ता और उद्यमी मिलकर नई तकनीकों और व्यवसायों का निर्माण कर रहे हैं।
IIT मद्रास में पेटेंट और बौद्धिक संपदा (IP) को बढ़ावा देने के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया गया है। संस्थान के ICSR विभाग के अंतर्गत IP मैनेजमेंट सेल शोधकर्ताओं को आइडिया से लेकर पेटेंट फाइलिंग और कमर्शियलाइजेशन तक पूरी सहायता प्रदान करता है।
डीन मनु संथानम (Manu Santhanam) ने बताया कि यह सिस्टम शोधकर्ताओं को आसानी से अपने इनोवेशन को सुरक्षित और उपयोगी तकनीक में बदलने में मदद करता है।
देशभर से बढ़ी भागीदारी, ‘IITM for All’ विजन को मिला बल
इस वर्ष इनक्यूबेट हुए 60% से अधिक स्टार्टअप्स देशभर के बाहरी उद्यमियों द्वारा स्थापित किए गए हैं, जिससे IIT मद्रास का दायरा राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुआ है। यह ‘IITM for All’ विजन को भी दर्शाता है, जिसमें देश के हर हिस्से से इनोवेटर्स को मंच दिया जा रहा है।
नए स्टार्टअप्स मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, ऑटोमोबाइल, बैटरी, डिफेंस, एयरोस्पेस, AI, मशीन लर्निंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक, बायोटेक, क्लाइमेट टेक और IoT जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में बढ़ती पकड़
IIT मद्रास ने AI/ML, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर्स, 5G/6G, रोबोटिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल एनर्जी, फोटोनिक्स, ब्लॉकचेन और AR/VR जैसे क्षेत्रों में भी मजबूत पेटेंट गतिविधि दिखाई है। इससे यह स्पष्ट है कि संस्थान भविष्य की तकनीकों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
स्टार्टअप्स में बढ़ी गुणवत्ता और इंडस्ट्री इंटरेस्ट
IITMIC की सीईओ तमस्वती घोष (Tamaswati Ghosh) ने बताया कि FY26 में 1,200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 112 स्टार्टअप्स का चयन किया गया। अब स्टार्टअप्स अधिक परिपक्व, राजस्व उत्पन्न करने वाले और निवेश आकर्षित करने वाले बन रहे हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि बढ़ती निवेशक और इंडस्ट्री रुचि के साथ IIT मद्रास भविष्य में और अधिक यूनिकॉर्न और IPO के लिए तैयार स्टार्टअप्स तैयार करने की दिशा में काम करेगा।
ग्लोबल स्तर पर बढ़ता प्रभाव और भविष्य की दिशा
IIT मद्रास के इनक्यूबेशन सेल के फैकल्टी-इन-चार्ज मोहनासंकर शिवप्रकाशम (Mohanasankar Sivaprakasam) ने कहा कि संस्थान का फोकस डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर है, जो वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सकें और वैश्विक स्तर पर विस्तार कर सकें।
IIT मद्रास के प्रमुख स्टार्टअप्स में Ather Energy, Uniphore, MediBuddy, HyperVerge और Agnikul Cosmos जैसे नाम शामिल हैं। वहीं लगातार इनोवेशन, पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के प्रयासों के चलते IIT मद्रास ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार सातवीं बार ओवरऑल श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है, जो इसकी शैक्षणिक और रिसर्च उत्कृष्टता को दर्शाता है।