भारत की सबसे बड़ी OEM-agnostic इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म ग्रीनसेल मोबिलिटी (GreenCell Mobility) ने $89 मिलियन (करीब 7,500 करोड़ रुपये) की मीज़ेनाइन (mezzanine) फंडिंग पूरी करने की घोषणा की। इस राउंड में International Finance Corporation (IFC), British International Investment (BII), और टाटा कैपिटल ने निवेश किया। यह निवेश ग्रीनसेल मोबिलिटी के भारत में शून्य-उत्सर्जन ई-मोबिलिटी समाधानों के जरिए सार्वजनिक परिवहन को पुनर्परिभाषित करने के मिशन में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
एवरसोर्स कैपिटल (Eversource Capital) के सहयोग से संचालित ग्रीनसेल मोबिलिटी वर्तमान में 1,200 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा चलाता है और भारत में 270 से अधिक चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का सपोर्ट करता है। इस फंडिंग का उपयोग फ्लीट को बढ़ाकर 3,700 बसों तक विस्तार करने में किया जाएगा, जिसमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार और पुडुचेरी में राष्ट्रीय ई-बस प्रोग्राम और पीएम सेवा ई-मोबिलिटी इनिशिएटिव के तहत जीती गई बसें शामिल हैं।
एवरस्टोन ग्रुप के वाइस चेयरमैन धनपाल झावेरी और सीईओ, एवरसोर्स कैपिटल (Eversource Capital) ने कहा, “यह फंडिंग राउंड भारत के स्वच्छ परिवहन क्रांति को तेज करने में निजी और विकासशील संस्थागत पूंजी की भूमिका को दर्शाता है। GCM का विस्तार शहरों और यात्रियों के लिए कुशल और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रदान करेगा।”
ग्रीनसेल मोबिलिटी के एमडी और सीईओ देवेंद्र चावला ने कहा ने कहा, “यह निवेश हमारी क्षमता और प्लेटफॉर्म में निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। हमारा फोकस विश्वसनीय, किफायती और शून्य-उत्सर्जन परिवहन प्रदान करने पर है। इलेक्ट्रिक बसें भारत की अगली पीढ़ी की शहरी मोबिलिटी का आधार होंगी।”
आईएफसी (IFC), बीआईआई (BII) और टाटा कैपिटल के नेतृत्व में यह निवेश ग्रीनसेल मोबिलिटी के भारत में ई-बस बाजार में नेतृत्व को मजबूत करता है और देश में स्वच्छ, हरित और स्थायी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के लिए वैश्विक और घरेलू निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।