HFCL का डेटा सेंटर कारोबार टेलीकॉम बिजनेस से होगा बड़ा

HFCL का डेटा सेंटर कारोबार टेलीकॉम बिजनेस से होगा बड़ा

HFCL का डेटा सेंटर कारोबार टेलीकॉम बिजनेस से होगा बड़ा
टेलीकॉम और नेटवर्किंग सॉल्यूशंस कंपनी HFCL बढ़ती डेटा सेंटर मांग को देखते हुए अपने ऑप्टिकल फाइबर कारोबार के विस्तार के लिए 950 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में उसका डेटा सेंटर बिजनेस, टेलीकॉम बिजनेस से भी बड़ा हो जाएगा।


HFCL के मैनेजिंग डायरेक्टर महेंद्र नाहटा ने कहा कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और क्वांटम कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल से डेटा की मांग तेजी से बढ़ रही है। इतनी बड़ी मात्रा में डेटा को केवल ऑप्टिकल फाइबर के जरिए ही प्रभावी ढंग से ट्रांसफर किया जा सकता है। इसलिए खासकर हाई-काउंट फाइबर केबल की मांग डेटा सेंटरों में तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 7,000-फाइबर केबल डिजाइन कर ली है और अब 14,000-फाइबर केबल विकसित करने पर काम कर रही है। उनका कहना है कि भविष्य में डेटा सेंटरों से ऑप्टिकल फाइबर की मांग टेलीकॉम कंपनियों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक हो सकती है।

कंपनी की कुल आय का करीब 70% हिस्सा ऑप्टिकल फाइबर केबल के निर्यात से आता है। HFCL का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्तर अमेरिका, यूरोप और एशिया में डेटा सेंटरों के विस्तार के साथ हाई-काउंट फाइबर केबल की मांग और बढ़ेगी, जिससे निर्यात के नए अवसर मिलेंगे।

950 करोड़ रुपये के निवेश में से 580 करोड़ रुपये ऑप्टिकल फाइबर के प्रमुख कच्चे माल ग्लास प्रीफॉर्म के घरेलू उत्पादन पर खर्च किए जाएंगे। फिलहाल HFCL प्रीफॉर्म जापान से आयात करती है। कंपनी का लक्ष्य शुरुआत में अपनी कुल जरूरत का लगभग एक-तिहाई हिस्सा भारत में तैयार करना है, जबकि बाकी दो-तिहाई आयात किया जाएगा। भविष्य में मांग बढ़ने पर उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है।

महेंद्र नाहटा ने कहा कि दुनिया भर में डेटा सेंटरों की मांग लगातार बढ़ रही है। फिलहाल इस क्षेत्र में अमेरिका सबसे आगे है, जबकि यूरोप, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत में भी डेटा सेंटर क्षमता तेजी से बढ़ती है तो निर्यात का प्रतिशत लगभग समान रह सकता है, लेकिन कुल निर्यात की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में HFCL ने 4,949.27 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी की कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी 41% रही। इस दौरान HFCL को 1.1 अरब डॉलर का बहुवर्षीय अंतरराष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर केबल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट भी मिला।

AI आधारित डेटा सेंटरों में 1 लाख GPU तक के क्लस्टर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी दबाव बढ़ रहा है। बढ़ती बैंडविड्थ, कम लेटेंसी, अधिक फाइबर घनत्व और तेज़ इंस्टॉलेशन की जरूरत को देखते हुए HFCL ने OptiQ AI नाम से अपना नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसके तहत कंपनी AI, क्लाउड और हाइपरस्केल डेटा सेंटरों के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल और कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराएगी।

कंपनी का कहना है कि अब वह बड़े हाइपरस्केल डेटा सेंटर ऑपरेटरों को डेटा सेंटर के अंदर की पूरी ऑप्टिकल कनेक्टिविटी का समाधान एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा सकेगी। HFCL के अनुसार, AI युग में ऑप्टिकल कनेक्टिविटी अब केवल सहायक तकनीक नहीं, बल्कि डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है।

मैकिंज़ी की एक रिपोर्ट के अनुसार, AI वर्कलोड बढ़ने से ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग उपकरणों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बड़ी टेक कंपनियां इतनी तेजी से फाइबर केबल खरीद रही हैं कि वैश्विक स्तर पर इसकी आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। HFCL के टेलीकॉम और केबल निर्माण संयंत्र हैदराबाद, गोवा और चेन्नई में स्थित हैं। फिलहाल कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की कोई योजना नहीं है।

वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में HFCL का मुख्य फोकस ऑप्टिकल फाइबर केबल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस को मजबूत करने, स्वदेशी रक्षा उत्पादों को बाजार में उतारने, रक्षा परियोजनाओं को पूरा करने और वैश्विक स्तर पर ऑप्टिकल फाइबर, इंटरकनेक्ट तथा AI कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस की बिक्री बढ़ाने पर रहेगा।

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