भारत का रिटेल रियल एस्टेट मार्केट 2025 में रिकॉर्ड वर्ष देखने के लिए तैयार रहा, जिसमें प्रमुख शहरों में लीज़िंग एक्टिविटी लगभग 8.9 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंची। यह उपभोक्ता खर्च में स्थिर सुधार और खुदरा विक्रेताओं व डेवलपर्स के बीच बढ़े विश्वास को दर्शाता है।
मजबूत मांग का नेतृत्व फैशन, फूड एंड बेवरेज (F&B), ज्वैलरी और उभरते डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर (D2C) ब्रांड्स ने किया, जिनमें कई ऑफलाइन विस्तार रणनीतियों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही, नए शॉपिंग सेंटर और हाई-स्ट्रीट संपत्तियों की बढ़ती आपूर्ति ने भी इस तेजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दक्षिणी शहरों ने लीज़िंग गति में अग्रणी भूमिका निभाई, जिसमें हैदराबाद सबसे सक्रिय बाजार के रूप में उभरा, जबकि दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई नए मॉल और अनुभवात्मक आउटलेट्स की बढ़ती रुचि के चलते पीछे नहीं रहे।
विशेषज्ञों ने कहा कि खुदरा विक्रेता अब बड़े और अनुभव-आधारित आउटलेट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, खासकर Gen Z और मिलेनियल शॉपर्स के लिए, जो डिजिटल टचपॉइंट्स के साथ इन-स्टोर इमर्सिव अनुभव की मांग कर रहे हैं। एंकर स्टोर्स, थीम्ड F&B क्लस्टर्स और इंटरैक्टिव ब्रांड शोकेस इस साल अधिक लोकप्रिय हुए।
लीज़िंग एक्टिविटी में यह उछाल भारत की मजबूत उपभोक्ता कहानी को दर्शाता है, जिसे स्थिर आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ते शहरी आय और संगठित खुदरा के विस्तार ने और मजबूती दी है। विशेषज्ञों ने कहा कि फैशन और परिधान सबसे बड़े योगदानकर्ता रहे, जबकि ब्यूटी, ज्वैलरी और डाइनिंग जैसे कैटेगरीज ने तेज़ वृद्धि दिखाई।
स्वस्थ रिटेल डेवलपमेंट पाइपलाइन और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की लगातार रुचि के साथ, सेक्टर 2026 में भी अपनी गति बनाए रखने की उम्मीद है, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर सबसे गतिशील रिटेल रियल एस्टेट मार्केट्स में से एक के रूप में स्थापित किया जा सके।