भारत-फ्रांस ATL ब्रिज पहल से छात्रों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय नवाचार और स्टार्टअप सीखने का मौका

भारत-फ्रांस ATL ब्रिज पहल से छात्रों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय नवाचार और स्टार्टअप सीखने का मौका

भारत-फ्रांस ATL ब्रिज पहल से छात्रों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय नवाचार और स्टार्टअप सीखने का मौका
अटल टिंकरिंग लैब मॉडल पर फ्रांस में बनेगी पहली स्कूल इनोवेशन लैब, दोनों देशों के युवा मिलकर विकसित करेंगे भविष्य के समाधान।


भारत और फ्रांस ने शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए इंडिया-फ्रांस ATL ब्रिज पहल की शुरुआत की है। यह महत्वपूर्ण पहल दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों को जोड़ने और स्कूल स्तर पर नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत के प्रसिद्ध अटल टिंकरिंग लैब (ATL) मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार मिलेगा और छात्रों को वैश्विक स्तर पर सीखने तथा सहयोग करने का अवसर प्राप्त होगा।

इस पहल की औपचारिक शुरुआत फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम के दौरान हुई। इस अवसर पर अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग और ला फाउंडेशन डसॉल्ट सिस्टम्स के बीच एक आशय पत्र (Letter of Intent - LoI) का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत किया।

फ्रांस में बनेगी पहली स्कूल इनोवेशन लैब

इस समझौते के तहत फ्रांस में पहली बार भारत के अटल टिंकरिंग लैब मॉडल पर आधारित स्कूल इनोवेशन लैब स्थापित की जाएगी। यह लैब दोनों देशों के छात्रों को नवाचार, विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ मिलकर काम करने का अवसर देगी।

इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने, टीमवर्क, रचनात्मक सोच और नेतृत्व कौशल सीखने में भी मदद करेगी। इससे भारत और फ्रांस के शिक्षा एवं नवाचार इकोसिस्टम के बीच मजबूत संबंध विकसित होंगे।

छात्रों के लिए खुलेंगे वैश्विक अवसर

इंडिया-फ्रांस ATL ब्रिज के तहत सीमा-पार नवाचार कार्यक्रम, छात्र आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण पहल और संयुक्त परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। इसके माध्यम से दोनों देशों के छात्र मिलकर वास्तविक सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों के समाधान तैयार कर सकेंगे।

अटल इनोवेशन मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा कि यह पहल भारत की नवाचार यात्रा में दुनिया के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि फ्रांस में स्कूल इनोवेशन लैब की स्थापना इस सोच का विस्तार है कि दुनिया के हर युवा को नवाचार, सृजन और नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी देश या क्षेत्र से क्यों न हो।

शिक्षा और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

La Fondation Dassault Systemes की मैनेजिंग डायरेक्टर मैरी-पियरे ऑलास (Marie-Pierre Aulas) ने कहा कि शिक्षा एक टिकाऊ और बेहतर भविष्य निर्माण का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह छात्रों में रचनात्मकता, प्रयोगधर्मिता और उद्यमशीलता कौशल विकसित करने का प्रभावी मंच है।

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत और फ्रांस के बीच नवाचार आधारित सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले वर्षों में शिक्षा तथा तकनीकी विकास के नए अवसर पैदा करेगी।

भारत के ATL मॉडल को मिली वैश्विक पहचान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2016 में शुरू किए गए अटल इनोवेशन मिशन का उद्देश्य देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। अब तक भारत में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा चुकी हैं, जिनसे 1.1 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं। इन लैब्स में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी डिजाइन और अन्य उभरती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इंडिया-फ्रांस ATL ब्रिज दोनों देशों की उस साझा सोच का प्रतीक है, जिसके तहत अगली पीढ़ी के नवप्रवर्तकों को सशक्त बनाने, शिक्षा में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में सहयोग को मजबूत किया जाएगा। यह पहल छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

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