भारतीय साइबरसिक्योरिटी कंपनी 63SATS साइबरटेक, जो कि 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की सहायक कंपनी है, ने अपने पहले संस्थागत फंडिंग राउंड में ₹245 करोड़ जुटाए हैं। इस निवेश के बाद कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन ₹1,161 करोड़ (फुली डायल्यूटेड आधार पर) हो गया है।
इस निवेश राउंड में कई प्रमुख निवेशकों और फैमिली ऑफिसेज ने भाग लिया है, जिनमें मैथ्यू सिरियाक (पूर्व ब्लैकस्टोन एग्जीक्यूटिव), मुकुल अग्रवाल (परम कैपिटल ग्रुप), सिद्धार्थ मेहता (बे कैपिटल), KIFS फिनस्टॉक (खंडवाला ग्रुप की कंपनी) और आरि वेंचर्स (कोठारी परिवार का निवेश कार्यालय) शामिल हैं।
63SATS के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और जॉइंट सीईओ श्रीनिवास एल ने कहा, “यह फंडरेज़ 63SATS के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। AI अब निर्णय लेने की मुख्य परत बनता जा रहा है और ऐसे में AI सिस्टम्स की सुरक्षा अनिवार्य हो गई है। यह पूंजी हमें अपने प्लेटफॉर्म मजबूत करने, SOC क्षमताओं को बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ विस्तार करने में मदद करेगी।”
वर्ष 2024 में स्थापित, 63SATS साइबरटेक साइबरसिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संगम पर काम करता है। कंपनी का फोकस ‘AI के लिए साइबरसिक्योरिटी’ पर है, जिसे वह “अश्योर्ड इंटेलिजेंस” दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य AI सिस्टम, डेटा पाइपलाइंस, मॉडल्स और निर्णय प्रक्रियाओं को उभरते खतरों से सुरक्षित करना है।
कंपनी तीन प्रमुख समाधान प्रदान करती है:-
Cyber Security Force (CSF), जो एंटरप्राइजेज के लिए नेटवर्क, क्लाउड और AI वर्कलोड्स की सुरक्षा करता है;
साइबरडोम (Cyberdome), जो सरकारों के लिए क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटीज और रक्षा संस्थानों की सुरक्षा करता है; और CYBX, एक कंज्यूमर साइबरसिक्योरिटी सुपर-ऐप, जो स्पैम कॉल, फिशिंग और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव में मदद करता है।
63SATS ने 2024 में 50-सीटर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) भी स्थापित किया है, जो 24×7 निगरानी और AI-आधारित थ्रेट एनालिसिस प्रदान करता है। कंपनी पहले ही BFSI, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव सेक्टर के बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स हासिल कर चुकी है।
जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी AI साइबरसिक्योरिटी में प्रोडक्ट इनोवेशन, कंज्यूमर ऑफरिंग्स के विस्तार, SOC संचालन को मजबूत करने, टॉप टैलेंट हायरिंग और भौगोलिक विस्तार के लिए करेगी।
63SATS का लक्ष्य एंटरप्राइज, सरकार और उपभोक्ताओं तीनों के लिए एकीकृत समाधान प्रदान कर भारत और वैश्विक साइबरसिक्योरिटी इकोसिस्टम में नए मानक स्थापित करना है।