भारत की शहरी मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक 2-3W सबसे कारगर: बजाज ऑटो

भारत की शहरी मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक 2-3W सबसे कारगर: बजाज ऑटो

भारत की शहरी मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक 2-3W सबसे कारगर: बजाज ऑटो
बजाज ऑटो के अनुसार, भारत की शहरी परिवहन जरूरतों के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन सबसे प्रभावी समाधान हैं, क्योंकि ये कम जगह घेरते हैं और कम लागत में बेहतर दक्षता देते हैं।

बजाज ऑटो टेक्नोलॉजी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अब्राहम जोसेफ ने कहा कि भारत की शहरी मोबिलिटी की सबसे बड़ी चुनौती दूरी नहीं, बल्कि घनत्व है। घनी आबादी, सीमित सड़क स्थान और भारी ट्रैफिक के कारण इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन कारों की तुलना में कहीं अधिक किफायती, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल साबित होते हैं।

SIAT 2026 में बोलते हुए जोसेफ ने कहा कि भारत में लगभग 26 करोड़ दोपहिया वाहन हैं, जबकि कारों की संख्या करीब 5 करोड़ है। ऐसे में छोटे वाहन शहरी परिवहन की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि दोपहिया वाहन कारों की तुलना में सड़क की केवल एक-चौथाई जगह घेरते हैं और उनकी लागत भी काफी कम होती है।

जोसेफ के अनुसार, इलेक्ट्रिक स्कूटर स्टॉप-स्टार्ट ट्रैफिक में अधिक कुशल हैं क्योंकि ये आइडलिंग में ऊर्जा खर्च नहीं करते और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग के जरिए लगभग 70% ऊर्जा वापस हासिल कर लेते हैं। इसके मुकाबले ICE स्कूटरों में क्लच और CVT ट्रांसमिशन के कारण ऊर्जा की बड़ी बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि यदि आईसीई (ICE) स्कूटरों की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनाए जाएं, तो कुल स्वामित्व लागत ICE स्कूटर की तुलना में केवल 38% रह जाती है।

इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर भी मजबूत आर्थिक लाभ देते हैं। डीज़ल मॉडलों की तुलना में इनमें कुल लागत में 15% से अधिक सुधार होता है, साथ ही ऑपरेटिंग और मेंटेनेंस खर्च भी कम होता है। लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में इनकी उपयोगिता ऑपरेटरों की कमाई बढ़ाती है।

बजाज ऑटो के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में उसके इलेक्ट्रिक वाहनों से लगभग 2.3 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की बचत हुई है। जोसेफ ने कहा कि दो- और तिपहिया वाहनों का उच्च दैनिक उपयोग इलेक्ट्रिफिकेशन के पर्यावरणीय लाभों को और बढ़ाता है और यह भारत के ESG और नियामकीय लक्ष्यों के अनुरूप है।

भारत में 2025 के दौरान करीब 12.8 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और लगभग 8 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बिके। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 30% ईवी पैठ हासिल करना है, जिसमें दो- और तिपहिया वाहन अग्रणी भूमिका निभाएंगे। जोसेफ ने जोर देते हुए कहा कि दीर्घकालिक सफलता सब्सिडी से नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग के जरिए लागत घटाने से आएगी।

उन्होंने बताया कि बजाज ऑटो ने प्लेटफॉर्म-आधारित विकास के जरिए बैटरी, मोटर और कंट्रोलर की लागत में 50–70% तक कमी की है। आज कंपनी के कुल कारोबार का लगभग 25% हिस्सा EV से आता है और उसका ईवी  पोर्टफोलियो मुनाफे में है।

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