एल्बर्स पिछले साल भारत में हुए बड़े विमानन संकट के बाद आलोचना के केंद्र में आ गए थे। उस समय देशभर में कई उड़ानों में देरी और रद्द होने की घटनाएं हुई थीं। उड़ानों में बाधा आने का मुख्य कारण नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू होने के बाद क्रू की कमी बताया गया था।
3 दिसंबर को इंडिगो की केवल 20 प्रतिशत उड़ानें समय पर संचालित हो सकीं, जबकि इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा 35 प्रतिशत और 1 दिसंबर को लगभग 50 प्रतिशत था। इस स्थिति के कारण कई हवाई अड्डों पर यात्री फंस गए थे और लोगों में काफी नाराजगी देखी गई।
इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा, “राहुल भाटिया अब फिर से एयरलाइन के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे, ताकि कंपनी की कार्य संस्कृति को मजबूत किया जा सके, संचालन को बेहतर बनाया जा सके और ग्राहकों को देखभाल, भरोसेमंद और पेशेवर सेवा देने की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया जा सके।”
राहुल भाटिया ने कहा, “पिछले बाइस वर्षों से इंडिगो की स्थापना और विकास से जुड़ा रहने के कारण मेरे भीतर देश और एयरलाइन के ग्राहकों, कर्मचारियों, शेयरधारकों और सभी हितधारकों के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना है।”
उन्होंने आगे यह भी कहा कि कंपनी अपने कामकाज में मजबूत कार्य संस्कृति, बेहतर सेवा और भरोसे को प्राथमिकता देती रहेगी। साथ ही इंडिगो भारत और उसके लोगों की सेवा करने के लिए एक पेशेवर, भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर सम्मानित एयरलाइन बनने के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखेगी।