हेल्थकेयर और आयुर्वेदिक वेलनेस ब्रांड कपिवा (Kapiva) ने आयुर्वेद में रिसर्च-आधारित इनोवेशन को सपोर्ट देने के लिए कपिवा इनोवेशन फंड के लॉन्च की घोषणा की है। कंपनी इस फंड के जरिए 50 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी, जिसका उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक और क्लिनिकली प्रमाणित समाधानों में बदलना है।
बेंगलुरु स्थित कपिवा के अनुसार, यह फंड रिसर्च लाइफसाइकिल के हर चरण में निवेश करेगा—शुरुआती अकादमिक शोध से लेकर कमर्शियलाइजेशन के करीब पहुंच चुकी परियोजनाओं तक। शुरुआती स्तर के शोध के लिए लगभग ₹50 लाख तक के चेक दिए जाएंगे, जबकि लेट-स्टेज प्रोग्राम्स के लिए ₹4 करोड़ से ₹6 करोड़ तक का निवेश किया जाएगा। इसके साथ ही, चुने गए प्रोजेक्ट्स को मेंटॉरशिप, क्लिनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी गाइडेंस भी प्रदान की जाएगी।
फंड का ध्यान नए फॉर्मुलेशन, स्टैंडर्डाइजेशन, फाइटोकेमिस्ट्री, आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल स्टडीज, एक्सट्रैक्शन टेक्नोलॉजी और बायोएक्टिव एन्हांसमेंट जैसे क्षेत्रों पर रहेगा।
इस पहल के लिए रिसर्च संस्थान, पीएचडी स्कॉलर्स, क्लिनिशियन, अस्पताल, इनक्यूबेटर्स और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स आवेदन कर सकते हैं, जो आयुर्वेद, प्लांट-बेस्ड थेरेप्यूटिक्स और इंटीग्रेटिव हेल्थ के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
कपिवा के संस्थापक अमेव शर्मा ने कहा,“कई दशकों तक आयुर्वेद को आस्था आधारित या केवल पारंपरिक ज्ञान के रूप में देखा गया। हमारा मानना है कि इसका भविष्य परिणाम-आधारित और साक्ष्य-समर्थित दृष्टिकोण में है। यह फंड उसी भविष्य पर हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”
कपिवा पहले से ही इन-हाउस R&D प्रोग्राम्स चलाता है और THSTI, मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज़ और मणिपाल हॉस्पिटल्स जैसे संस्थानों के साथ सहयोग करता है। कंपनी संरचित परीक्षण प्रोटोकॉल अपनाती है और चयनित उत्पादों पर क्लिनिकल ट्रायल्स भी करती है।
वर्ष 2015 में अमेव शर्मा और श्रेय बाधानी द्वारा स्थापित, कपिवा जूस, गमीज़, चाय, कैप्सूल और क्लिनिकल रिसर्च आधारित आयुर्वेदिक हेल्थ और न्यूट्रिशन उत्पाद पेश करती है। कंपनी अब तक करीब 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटा चुकी है, जिसमें सितंबर 2025 में 360 ONE Asset और Vertex Growth के नेतृत्व में 60 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग शामिल है। कपिवा अगले दो से तीन वर्षों में IPO लाने की योजना बना रही है।