लागत में कटौती और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कोलकाता पुलिस (KP) आने वाले कुछ महीनों में अपने परिवहन बेड़े में 200 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शामिल करने जा रही है। इस परियोजना के लिए करीब 44 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही, कोलकाता पुलिस वर्ष 2023 में तैयार की गई अपनी ईवी खरीद योजना को फिर से लागू करेगी। यह पहली बार होगा जब इलेक्ट्रिक वाहन सीधे पुलिस द्वारा खरीदे जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, करीब 500 पुराने वाहनों को स्क्रैप किए जाने के बाद पुलिस बल को नए वाहनों की तत्काल जरूरत थी। इसके अलावा, कोलकाता पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में 25 EV चार्जिंग स्टेशन (60 kW, पेडेस्टल टाइप) की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए टेंडर भी जारी किया है, जिस पर लगभग 2.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
फिलहाल उपयोग में मौजूद 80 वाहन आठ साल की लीज पर हैं। 2023 के टेंडर दस्तावेज के अनुसार, जिस कंपनी को ठेका मिलेगा, वह अगले चार वर्षों तक वाहनों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी। टेंडर की शर्तों में यह भी शामिल है कि निर्माता ने पिछले तीन वर्षों में किसी राज्य या केंद्र सरकार के विभाग या उपक्रम को कम से कम 500 ईवी की सप्लाई की हो और कोलकाता में उसका अधिकृत सर्विस स्टेशन मौजूद हो।
नई ईवी को ट्रैफिक, वायरलेस और अन्य यूनिट्स में बांटा जाएगा, जिसमें से 78 वाहन केवल ट्रैफिक विभाग को मिलने की संभावना है। लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से अगले आठ वर्षों में करीब 50 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल खर्च घटाने में मदद करेगी, बल्कि हरित और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।
योजना के तहत नौ पुलिस डिवीजनों में कम से कम छह फास्ट चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने सक्रिय पुलिसिंग में ईवी की कार्यक्षमता को लेकर कुछ शंकाएं भी जताई हैं।