अब कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज पर ध्यान दे रही है, जिसमें क्लाउड बेस्ड कंप्यूटिंग पावर और एंटरप्राइज कंपनियों के लिए AI टूल्स शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, इस नई रणनीति से उसे फायदा मिला है और FY26 के दौरान वह प्रॉफिटेबल भी हो गई। साथ ही कंपनी ने कहा है कि फिलहाल उसे किसी बाहरी फंडिंग की जरूरत नहीं है।
Krutrim ने अपना खुद का AI क्लाउड प्लेटफॉर्म तैयार किया है और फिलहाल यह मोबिलिटी, फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर्स की 25 से ज्यादा कंपनियों के साथ काम कर रही है। भारत में GPU बेस्ड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग ने भी कंपनी की इस नई दिशा को मजबूती दी है, क्योंकि अब कंपनियां देश के भीतर ही स्केलेबल AI सॉल्यूशंस तलाश रही हैं।
कंपनी की यह नई रणनीति आंतरिक बदलावों के बाद सामने आई है। पिछले साल Krutrim ने अपनी प्राथमिकताओं को दोबारा तय करने के लिए 150 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की थी। इसी दौरान Ola Electric ने Krutrim के डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अपनी कुछ हिस्सेदारी गिरवी रखकर फंड जुटाया था।
यह बदलाव कंपनी के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में आई चुनौतियों के बाद भी देखा गया। Krutrim का AI असिस्टेंट “Kruti” हाल ही में कई प्लेटफॉर्म्स पर ऑफलाइन हो गया था, जिससे कंज्यूमर AI प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक बनाए रखने की मुश्किलें सामने आईं।
अब कंपनी तेजी से कमाई देने वाली AI इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज पर फोकस कर रही है। हालांकि, बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह देखना अहम होगा कि Krutrim Ola इकोसिस्टम से बाहर कितनी तेजी से नए ग्राहकों को जोड़ पाती है और अपनी ग्रोथ को लंबे समय तक बनाए रखती है।