जीएसटी 2.0 (GST 2.0) और त्योहारों की मांग के चलते वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर) में भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग मजबूत वृद्धि दर्ज करने में सफल रहा। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki India ने घरेलू बाजार में रिकॉर्ड 5,64,669 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। कंपनी की कुल बिक्री 6,67,769 यूनिट रही, जिसमें निर्यात भी शामिल है।
कंपनी का शुद्ध लाभ 37,940 करोड़ रुपये रहा, हालांकि नए श्रम कानूनों से जुड़े एकमुश्त प्रावधान का असर पड़ा। जनवरी 2026 में भी कंपनी ने 2,36,963 यूनिट की बिक्री के साथ मजबूत वृद्धि दर्ज की, जिसमें एसयूवी की मांग प्रमुख रही।
इसी अवधि में Hyundai Motor India ने दिसंबर तिमाही में 6.34% की वृद्धि के साथ 1,234.39 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी की लोकप्रिय एसयूवी Creta ने 2025 में 2 लाख से अधिक यूनिट की बिक्री के साथ अपनी बाजार नेतृत्व स्थिति मजबूत की।
वहीं Mahindra & Mahindra ने तिमाही में 47% की सालाना वृद्धि के साथ 4,675 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी की एसयूवी और ट्रैक्टर बिक्री में तेज वृद्धि देखी गई। कार्यकारी निदेशक Rajesh Jejurikar ने कहा कि ऑटो और फार्म दोनों व्यवसायों ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
इसके विपरीत, Tata Motors के यात्री वाहन व्यवसाय को चुनौतीपूर्ण तिमाही का सामना करना पड़ा और कंपनी को 3,486 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जिसका प्रमुख कारण Jaguar Land Rover से जुड़ी साइबर घटना रही। हालांकि जनवरी 2026 में कंपनी ने 71,066 यूनिट की कुल बिक्री के साथ उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया।
ऑटो डीलर्स संघ Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) के अनुसार जनवरी 2026 में यात्री वाहन बिक्री 7.22% बढ़कर 5,13,475 यूनिट रही। ग्रामीण बाजार में 14.43% की तेज वृद्धि दर्ज हुई, जो शहरी बाजार से अधिक रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुकिंग पाइपलाइन, नए मॉडल लॉन्च और वित्त वर्ष के अंत की खरीदारी के चलते आने वाले महीनों में बाजार का रुझान सकारात्मक बना रहेगा।