सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) के साथ मिलकर रचनात्मक क्षेत्रों के छात्रों और युवाओं के लिए राष्ट्रीय एआई स्किल प्रोग्राम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के लिए नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। यह पहल गूगल और यूट्यूब के सहयोग से तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य मीडिया, मनोरंजन, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करना है।
इस कार्यक्रम के तहत 15 हजार छात्रों और युवा प्रतिभाओं को एआई स्किल छात्रवृत्ति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें तेजी से बदलती डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री में नए करियर अवसर मिलेंगे।
क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए तैयार होंगे Future-Ready Professionals
सरकार के अनुसार, यह पहल भारत की तेजी से बढ़ती क्रिएटिव इकॉनमी को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल थ्योरी तक सीमित न रखकर उन्हें इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स प्रदान करना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवाओं के लिए तैयार किया गया है जो मीडिया, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं।
भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई को इस पहल का मुख्य कार्यान्वयन भागीदार बनाया गया है। संस्थान पूरे देश में कार्यक्रम के संचालन, छात्रों तक पहुंच और प्रशिक्षण प्रक्रिया को संभालेगा।
दो चरणों में होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
इस एआई स्किल प्रोग्राम को दो चरणों में डिजाइन किया गया है, ताकि छात्रों को बुनियादी जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक विशेषज्ञता भी मिल सके।
पहला चरण : फाउंडेशन (ऑनलाइन)
पहले चरण में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जनरेटिव एआई की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। इस चरण में 15 हजार प्रतिभागियों को Google Career Certificate और Google Cloud के Generative AI Learning Path के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी।
चयनित छात्रों को लगभग 33 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें जनरेटिव एआई की बेसिक समझ, Prompting Techniques, Responsible AI Practices और समस्या समाधान से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह प्रशिक्षण छात्रों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों में एआई टूल्स का उपयोग करना सिखाएगा और उन्हें इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार करेगा।
दूसरा चरण : विशेषज्ञता और Practical Learning
पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को दूसरे चरण में एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी। यह चरण हाइब्रिड मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम शामिल होंगे।
इस दौरान छात्रों को Storytelling, Creative Content Creation, AI Tools और Project-Based Learning के जरिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
IICT और YouTube द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल एंगेजमेंट से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया गया है। छात्रों को Google Developers Codelabs जैसे मॉड्यूल के माध्यम से AI Tools और Platforms का इस्तेमाल सिखाया जाएगा।
एआई स्किल्स हाउस प्लेटफॉर्म से मिलेगा सपोर्ट
यह पूरा कार्यक्रम “AI Skills House” प्लेटफॉर्म के जरिए भी संचालित किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर छात्रों को Generative AI Applications, Workflow Automation और Decision-Making Tools से जुड़े Structured Learning Tracks उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और वे कंटेंट क्रिएशन, मीडिया प्रोडक्शन और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाश सकेंगे।
रोजगार और Innovation को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि यह पहल भारत के मीडिया और डिजिटल सेक्टर में कुशल प्रतिभाओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करेगी। इससे छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने के साथ-साथ Innovation और Startup Culture को भी बढ़ावा मिलेगा।
IICT के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विश्वास देओस्कर ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को कंटेंट निर्माण, प्रोडक्शन और डिजिटल वितरण में एआई के व्यावहारिक उपयोग के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI आधारित क्रिएटिव स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ेगी और यह कार्यक्रम छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
https://aiskillhouse.iict.org/enroll