भारत की तेजी से बढ़ती R&D-आधारित इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता ओबेन इलेक्ट्रिक ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर बेंगलुरु में #SaluteAtSignal नामक एक शहर-स्तरीय पहल का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य देश के सबसे व्यस्त शहरी ट्रैफिक नेटवर्क में सुरक्षा, व्यवस्था और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने वाले बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के योगदान को सम्मान देना था।
एक सप्ताह तक चले इस कैंपेन को शहर के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैफिक जंक्शनों सोनी सिग्नल, कोरमंगला और व्यदेही सिग्नल, व्हाइटफील्ड पर लागू किया गया। शाम 6 से 9 बजे के पीक ऑवर्स में यात्रियों से अनुरोध किया गया कि वे रेड सिग्नल पर कुछ क्षणों के लिए वाहन स्थिर रखें, हॉर्न न बजाएं और पार्किंग या हैज़र्ड लाइट्स ऑन कर ट्रैफिक पुलिस के प्रति सम्मान व्यक्त करें। इस सामूहिक प्रयास से अत्यधिक दबाव वाले जंक्शनों पर एक दुर्लभ शांति और संवेदनशीलता का दृश्य देखने को मिला।
इस पहल के तहत कोरमंगला के सोनी सिग्नल पर शानूर नदाफ (पीसी 15996) को सम्मानित किया गया, जो पिछले नौ वर्षों से सेवा में हैं और प्रतिदिन लगभग आठ घंटे, जिनमें पांच घंटे पीक ट्रैफिक शामिल है, करीब एक लाख वाहनों का प्रबंधन करते हैं। वहीं, व्हाइटफील्ड के व्यदेही सिग्नल पर संगमेश देसाई (पीसी 18308) को उनके नौ वर्षों की सेवा और प्रतिदिन लगभग 15,000 वाहनों के प्रबंधन के लिए सम्मान मिला।
हर सिग्नल पर लगाए गए सूचना बोर्डों में संबंधित अधिकारी का नाम, पद, सेवा अवधि, ड्यूटी घंटे और प्रतिदिन संभाले जाने वाले वाहनों की संख्या प्रदर्शित की गई, जिससे यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस के कार्यभार और जिम्मेदारी की वास्तविक झलक मिली। सप्ताह भर में हजारों नागरिकों ने इस पहल में भाग लिया।
ओबेन इलेक्ट्रिक के अनुसार, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार शहरी मोबिलिटी कंपनी के मूल दर्शन का हिस्सा है। बेंगलुरु स्थित 3.5 एकड़ की इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में विकसित कंपनी की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें और पेटेंटेड LFP बैटरी तकनीक शहरों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद आवागमन को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
देशभर में 70 से अधिक शहरों में 85+ शोरूम्स की मौजूदगी और मार्च 2026 तक 150 एक्सक्लूसिव शोरूम व सर्विस सेंटर्स खोलने की योजना के साथ, ओबेन इलेक्ट्रिक सुरक्षित और टिकाऊ मोबिलिटी को आगे बढ़ा रही है। #SaluteAtSignal पहल इसी प्रतिबद्धता का विस्तार है, जो यह संदेश देती है कि सड़क सुरक्षा की शुरुआत सम्मान और संवेदनशीलता से होती है।