अर्ली-स्टेज वेंचर कैपिटल फर्म नवम कैपिटल (Navam Capital) ने अपने पहले फंड नवम वेंचर फंड-I (NVF-I) के फाइनल क्लोज की घोषणा की है। यह फर्म के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
कैटेगरी-II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) के रूप में पंजीकृत इस फंड ने शुरुआत में 250 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, लेकिन ग्रीन शू ऑप्शन का उपयोग करते हुए इसका कुल कॉर्पस बढ़कर 315 करोड़ रुपये से अधिक (करीब 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया।
भारत-केंद्रित यह फंड अब तक 8 स्टार्टअप्स में निवेश कर चुका है और कुल 15 से 16 कंपनियों को सपोर्ट करने की योजना रखता है। NVF-I का फोकस ऐसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी-आधारित (IP-led), डीप-टेक स्टार्टअप्स पर है, जो भारत में विकसित होते हैं और वैश्विक बाजारों को लक्षित करते हैं।
फंड के प्रमुख निवेश क्षेत्रों में एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, एंटरप्राइज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी और मैटीरियल साइंस शामिल हैं।
नवम कैपिटल (Navam Capital) के पोर्टफोलियो में अग्निकुल कॉसमॉस, एथर एनर्जी, मॉर्फिंग मशीनस और अनबॉक्स रोबोटिक्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। हाल ही में अनबॉक्स रोबोटिक्स ने 28 मिलियन डॉलर का फंडिंग राउंड भी पूरा किया है।
नवम कैपिटल के अनुसार, इस फंड को टेक्नोलॉजी फाउंडर्स, इंडस्ट्रियल ग्रुप्स, बिज़नेस ऑपरेटर्स, बड़े कॉरपोरेट समूहों और फैमिली ऑफिसेज़ समेत विविध लिमिटेड पार्टनर्स का सपोर्ट प्राप्त हुआ है।
राजीव मंत्री द्वारा 2008 में स्थापित नवम कैपिटल का मुख्यालय कोलकाता में है। नवम की स्थापना से पहले, राजीव मंत्री न्यूयॉर्क स्थित वेंचर कैपिटल फर्म लक्स कैपिटल से जुड़े थे, जहां उन्होंने क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैटीरियल्स जैसे क्षेत्रों में निवेश किया। वे बायोफार्मा वेंचर वायोम थेरैप्यूटिक्स के सह-संस्थापक भी हैं।
नवम कैपिटल मुख्य रूप से फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और साइंस-ड्रिवन इनोवेशन में अर्ली-स्टेज निवेश करता है। NVF-I आमतौर पर सीड और प्री-सीरीज़ A चरण में ₹5–8 करोड़ के शुरुआती निवेश करता है और आगे के राउंड्स के लिए पूंजी सुरक्षित रखता है। इसके अलावा फर्म चुनिंदा मामलों में सीरीज़ A और सीरीज़ B राउंड्स में भी भागीदारी करती है।