कंपनी ने अपनी पूरी 7.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी, जिसमें करीब 60.6 लाख शेयर शामिल थे। यह शेयर औसतन 214 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे गए। इस सौदे के साथ Peak XV Partners ने MobiKwik में अपनी पूरी हिस्सेदारी खत्म कर दी है। यह फर्म कंपनी के शुरुआती निवेशकों में शामिल थी। 31 मार्च 2026 तक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 7.89 प्रतिशत थी।
इन शेयरों को कई संस्थागत निवेशकों ने खरीदा है, जिनमें Florintree Advisors, Viridian Asset Management, Dymon Asia और Karma Capital शामिल हैं। इस डील को फिनटेक कंपनी में स्वामित्व के बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब MobiKwik को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से NBFC लाइसेंस के लिए मंजूरी मिली है। इस मंजूरी के बाद MobiKwik अब IndiaGold, Flipkart, Newtap, Lendingkart, KrazyBee और Capital Float जैसी कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है, जो रेगुलेटेड लेंडर के रूप में काम कर रही हैं।
कंपनी ने अभी तक FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा नहीं की है। FY26 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 289 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग रेवेन्यू और 4 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।