ट्रेड फाइनेंस और B2B कॉमर्स पर काम करने वाली वैश्विक फिनटेक कंपनी Drip Capital ने 2016 में शुरुआत के बाद से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए 9 अरब डॉलर से अधिक के अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फाइनेंस लेनदेन पूरे किए हैं। यह उपलब्धि दिखाती है कि कंपनी छोटे व्यवसायों को वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराने और उन्हें ग्लोबल ट्रेड में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में ही कंपनी ने 2 अरब डॉलर से अधिक के लेनदेन पूरे किए, जिसमें MSMEs की बड़ी भागीदारी रही। इसी के आधार पर कंपनी अब 2027 तक 11 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करने का लक्ष्य रख रही है।
कंपनी के, को-फाउंडर और सीईओ पुष्कर मुकेवार (Pushkar Mukewar) ने कहा कि आज के वैश्विक व्यापार में सिर्फ पूंजी तक पहुंच काफी नहीं है, बल्कि MSMEs को अनिश्चितताओं से निपटने, सही अवसर चुनने और जोखिम को सही तरीके से संभालने के लिए भरोसेमंद पार्टनर की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि 9 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करना दुनियाभर के MSMEs के भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी की ग्रोथ में टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका रही है। Drip Capital ने 100 से ज्यादा देशों के ट्रेड डेटा का बड़ा डेटाबेस तैयार किया है। इस डेटा की मदद से AI और ML मॉडल क्रेडिट रिस्क का आकलन करते हैं, ट्रेड डॉक्यूमेंट्स की जांच करते हैं और खरीदार व सप्लायर्स की विश्वसनीयता को रियल टाइम में जांचते हैं। इससे कंपनी 24 से 48 घंटे के अंदर फाइनेंस मंजूर कर देती है, जबकि पारंपरिक प्रक्रिया में कई हफ्ते लग जाते हैं।
फाइनेंसिंग के अलावा, कंपनी एक B2B प्लेटफॉर्म भी चलाती है, जो बिजनेस को भरोसेमंद वैश्विक खरीदारों और सप्लायर्स से जोड़ता है। इससे कंपनियां आसानी से नए पार्टनर ढूंढ सकती हैं, लेनदेन संभाल सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में बेहतर तरीके से काम कर सकती हैं।
Drip Capital की स्थापना 2016 में पुष्कर मुकेवार और नील कोठारी ने की थी। कंपनी का मुख्यालय कैलिफोर्निया में है और मुंबई में इसकी मजबूत उपस्थिति है। कंपनी का दावा है कि उसने दुनिया भर में 11,000 से अधिक व्यवसायों को सपोर्ट किया है और खासकर उभरते बाजारों में MSMEs के लिए ट्रेड फाइनेंस की कमी को दूर करने पर काम कर रही है।