Capital-A ने दूसरे फंड के लिए ₹160 करोड़ की पहली क्लोजिंग हासिल की

Capital-A ने दूसरे फंड के लिए ₹160 करोड़ की पहली क्लोजिंग हासिल की

Capital-A ने दूसरे फंड के लिए ₹160 करोड़ की पहली क्लोजिंग हासिल की
शुरुआती चरण में निवेश करने वाली वेंचर कैपिटल फर्म Capital-A ने अपने दूसरे फंड की पहली क्लोजिंग 160 करोड़ रुपये पर पूरी करने की घोषणा की है।


कंपनी का लक्ष्य एयरोस्पेस, रोबोटिक्स, ऊर्जा परिवर्तन और इंडस्ट्रियल हार्डवेयर जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स में निवेश करना है - 

साथ ही कंपनी ने बताया कि इस फंड का लक्ष्य 300 करोड़ रुपये का बेस कॉर्पस जुटाना है, साथ ही 100 करोड़ रुपये का ग्रीनशू विकल्प भी रखा गया है। इस फंड में मुख्य रूप से जनरल पार्टनर की ओर से निवेश किया गया है, जो कंपनी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा, इसमें अधिकतर घरेलू निवेशकों की भागीदारी रही है।

इन निवेशकों में फैमिली ऑफिस, हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI), उद्योगपति और कॉर्पोरेट लीडर्स शामिल हैं, जैसे Chamaria Group, Steel House Family Office, अव्यय झुनझुनवाला, MP Family Office (दुबई), सिद्धार्थ बाफना (Lodha & Co.), श्रीकर रेड्डी (Sonata Software), शेखर बोड्डू (पूर्व टेक्नोलॉजी डायरेक्टर, Amazon) और श्री विजयलक्ष्मी अगरबत्ती वर्क्स का फैमिली ऑफिस। इसके अलावा, आनंद राठी ग्रुप जैसे घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी इसमें हिस्सा लिया है।

Capital-A ने इस नए फंड से निवेश करना भी शुरू कर दिया है। अब तक कंपनी 7 स्टार्टअप्स में निवेश कर चुकी है और 3 अन्य डील्स अंतिम चरण में हैं। जिन स्टार्टअप्स में निवेश किया गया है, उनमें Manastu Space, Agrileaf, Misochain और CraftifAI शामिल हैं।

अपने दूसरे फंड के जरिए Capital-A का लक्ष्य 15 से 18 कंपनियों में निवेश करने का है। कंपनी एक ऐसी रणनीति अपनाना चाहती है, जिसमें वह स्टार्टअप्स के साथ मिलकर उनके संचालन और विस्तार (स्केलिंग) पर काम करे।

फर्म उन क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रही है, जैसे एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, जहां भारत अभी भी आयात पर काफी निर्भर है। इसके अलावा, माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए शॉप फ्लोर डिजिटाइजेशन जैसे क्षेत्रों में भी अवसर तलाशे जा रहे हैं।

बेंगलुरु में स्थित इस फर्म के अनुसार, नए दौर के स्टार्टअप्स अब अलग तरीके से विकसित हो रहे हैं। वे मॉड्यूलर तरीके से शुरुआत करते हैं, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का उपयोग करते हैं, जल्दी प्रोडक्ट टेस्टिंग करते हैं और फिर इंजीनियरिंग व सॉफ्टवेयर क्षमताओं के साथ तेजी से विस्तार करते हैं।


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