यह प्लांट लिथियम-आयन बैटरियों, रेयर अर्थ मैग्नेट्स और धातु युक्त औद्योगिक कचरे को प्रोसेस करने के लिए बनाया गया है, ताकि मटेरियल रिकवरी और सर्कुलर सप्लाई चेन को बढ़ावा दिया जा सके।
इस प्लांट की शुरुआती क्षमता प्रति वर्ष 10,000 टन लिथियम-आयन बैटरियों को रीसायकल करने की है, जबकि रेयर अर्थ मैग्नेट्स को तोड़ने और प्रोसेस करने की क्षमता 60 टन प्रति माह है। कंपनी 2026 की पहली तिमाही में 1,500 टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रेयर अर्थ क्लोराइड प्रोसेसिंग लाइन भी जोड़ने की योजना बना रही है।
यह प्लांट EPR (Extended Producer Responsibility) के तहत रजिस्टर्ड है और 95 प्रकार के प्री और पोस्ट-कंज्यूमर बैटरी स्क्रैप को संभालने में सक्षम है। Rocklink ने अपनी R2 लिथियम-आयन रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी भी शुरू की है, जो बैटरी स्क्रैप को अलग-अलग कंपोनेंट्स में बदलते हुए हानिकारक रसायनों को हटाती है।
यह सुविधा NdFeB, SmCo और AlNiCo जैसे स्थायी मैग्नेट एलॉय को भी रीसायकल करती है, जिनका उपयोग मोटर्स, जनरेटर और अन्य औद्योगिक उपकरणों में होता है। इसके लिए सेमी-ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग लाइनों का उपयोग किया जाता है, जिससे मैग्नेट्स को अलग करना और मटेरियल रिकवरी बेहतर तरीके से संभव हो पाता है।
कंपनी स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि मैग्नेट्स को तोड़ने की तकनीक को और बेहतर बनाया जा सके और देश में जरूरी कच्चे माल की सप्लाई चेन को मजबूत किया जा सके।