SAVE Microfinance ने ₹40 करोड़ का डेट फंड जुटाया है। इसमें ₹25 करोड़ की फंडिंग Indian Overseas Bank (IOB) और ₹15 करोड़ की फंडिंग Northern Arc Capital से प्राप्त हुई है। कंपनी का कहना है कि इस नई फंडिंग का उपयोग उसकी ऋण वितरण (Lending) क्षमता को मजबूत करने और वंचित समुदायों, विशेष रूप से महिला उद्यमियों तथा ग्रामीण परिवारों, तक जिम्मेदार वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
SAVE Microfinance के CFO पिंटू कुमार सिंह ने कहा, "हम Indian Overseas Bank और Northern Arc Capital के निरंतर विश्वास और सहयोग के लिए आभारी हैं। यह फंडिंग हमारी वित्तीय अनुशासन, मजबूत ऋण पोर्टफोलियो और बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर प्रमुख वित्तीय संस्थानों के भरोसे को दर्शाती है। इससे हमें जिम्मेदार ऋण वितरण का विस्तार करने, अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और वंचित परिवारों तथा उद्यमियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हम मजबूत जोखिम प्रबंधन और उत्कृष्ट संचालन के साथ सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
कंपनी ने यह भी बताया कि वह Microfinance संस्थानों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (CGSMFI-2.0) के तहत अतिरिक्त फंडिंग के अवसरों की भी तलाश कर रही है। कंपनी का मानना है कि इस पहल से उसके फंडिंग स्रोतों में विविधता आएगी, संस्थागत पूंजी तक पहुंच बेहतर होगी और बढ़ते ऋण पोर्टफोलियो को मजबूत समर्थन मिलेगा।
इस उपलब्धि पर SAVE Group के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं को-फाउंडर अजीत कुमार सिंह ने कहा, "हमारा मानना है कि वित्तीय समावेशन सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह फंडिंग हमारी सोच, मजबूत गवर्नेंस और जिम्मेदार वित्तीय सेवाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। Indian Overseas Bank और Northern Arc Capital का सहयोग हमें अधिक वंचित समुदायों तक पहुंचने और अपनी संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करेगा। साथ ही, हम CGSMFI-2.0 जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी विकास यात्रा को गति देने और पूरे भारत में समावेशी वित्तीय सेवाओं का विस्तार करने के लिए उत्साहित हैं।"