निर्मला सीतारमण ने MSME फाइनेंसिंग के लिए SIDBI की नई योजनाओं की शुरुआत की

निर्मला सीतारमण ने MSME फाइनेंसिंग के लिए SIDBI की नई योजनाओं की शुरुआत की

निर्मला सीतारमण ने MSME फाइनेंसिंग के लिए SIDBI की नई योजनाओं की शुरुआत की
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए वित्त, तकनीक और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से SIDBI की कई नई योजनाओं की शुरुआत की।


इन घोषणाओं को मुंबई में आयोजित SIDBI के 37वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान लॉन्च किया गया। 
नई पहलों में SIDBI RRB Co-Lending Portal, SIDBI MachFin Mart, MoRE (Modernisation of Rural Enterprises) कार्यक्रम और वित्तीय सेवा विभाग द्वारा शुरू की गई Credit Cards for Micro Enterprises योजना शामिल हैं।

SIDBI का RRB Co-Lending Portal क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के साथ साझेदारी के जरिए ग्रामीण और कम सेवाओं वाले क्षेत्रों में MSMEs को ज्यादा कर्ज उपलब्ध कराने में मदद करेगा। वहीं MachFin Mart एक डिजिटल मार्केटप्लेस के रूप में काम करेगा, जहां छोटे व्यवसाय मशीनरी खरीद सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म पर कीमतों की जानकारी, मानकीकरण और लोन अप्रूवल जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

MoRE कार्यक्रम का उद्देश्य अगले तीन वर्षों में 10,000 ग्रामीण सूक्ष्म और कारीगर आधारित उद्यमों को क्लस्टर मॉडल के जरिए समर्थन देना है। इसके अलावा, नई क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उद्यम-पंजीकृत माइक्रो एंटरप्राइजेज को 5 लाख रुपये तक की वर्किंग कैपिटल सहायता मिलेगी, जिससे उन्हें तेजी और आसानी से फंड उपलब्ध हो सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने MSME फाइनेंसिंग में SIDBI की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा SIDBI में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश के बाद संस्था की भूमिका और मजबूत हुई है।

वित्तीय सेवा विभाग के विशेष सचिव संजय लोहिया ने कहा कि SIDBI ने वित्तीय क्षेत्र में अपनी मजबूत विश्वसनीयता बनाई है और भविष्य में भी MSME फाइनेंसिंग तथा व्यापक विकास लक्ष्यों को मजबूत करने में इसकी अहम भूमिका रहेगी।

SIDBI के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज मित्तल ने कहा कि ये नई पहल डिजिटल टूल्स और साझेदारियों के जरिए MSME फाइनेंसिंग को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि फोकस क्रेडिट एक्सेस बढ़ाने, सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और तकनीक अपनाने को बढ़ावा देने पर है। साथ ही ग्रामीण उद्यमों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी काम किया जा रहा है।

वर्ष 1990 में स्थापित SIDBI आज भी भारत के MSME सेक्टर को क्रेडिट और विकास कार्यक्रमों के जरिए मजबूत समर्थन देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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