वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने 38 देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पूरे किए हैं। इन समझौतों के जरिए भारतीय व्यवसायों को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक प्राथमिकता के साथ पहुंच मिली है। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से भारतीय वस्तुएं, सेवाएं, कृषि और मत्स्य उत्पाद, साथ ही श्रम-प्रधान क्षेत्र, नए बाजार पा सकेंगे।
वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़ाव
गोयल ने कहा कि इन समझौतों से भारत वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाएगा और प्रतिभाओं की आवाजाही बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का अर्थ है वैश्विक जुड़ाव के साथ मजबूत, भरोसेमंद और विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं तैयार करना।
एमएसएमई और युवाओं से बड़ी उम्मीद
गोयल ने उद्यमियों और उद्योग जगत से अपील की कि वे वैश्विक अवसरों को देश भर के एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और मछुआरों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि युवा भारत ‘अमृत काल’ में 2047 तक देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उद्यमियों को विकास यात्रा का चालक बताया
मुंबई में आयोजित ‘ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स’ में मुख्य भाषण में गोयल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है, जिसे देश के उद्यमी और युवा शक्ति गति दे रहे हैं। उन्होंने सभी हितधारकों से मिलकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।
नवाचार और मानव संसाधन भारत की ताकत
गोयल ने कहा कि भारत की युवा शक्ति और मानव संसाधन देश की विकास गाथा के केंद्र में हैं। स्टार्टअप संस्थापकों और उद्योग नेताओं से बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जुनून, नवाचार और कुशल मानव संसाधन भारत की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी ताकत हैं।
एआई बदल देगा रोजगार का स्वरूप
एआई और रोजगार को लेकर चिंता पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनके स्वरूप को बदलेगा। भारत हर साल लगभग 23 लाख STEM स्नातक तैयार करता है और देश में युवा, अनुकूलनशील और महत्वाकांक्षी प्रतिभाओं का बड़ा भंडार है।
एआई बनेगा अगला बड़ा अवसर
गोयल ने कहा कि AI अगला बड़ा मोड़ होगा, जो भारतीय व्यवसायों को बेहतर अवसर, उच्च मूल्य वाला काम, मजबूत निर्यात और वैश्विक एकीकरण प्रदान करेगा। साथ ही साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और सिस्टम गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ेगी।