स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स लिमिटेड कंपनी ने कल अपने Sky Gold 3.0 विज़न के तहत क्षमता विस्तार योजना में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव की घोषणा की। यह कदम पूंजी का बेहतर उपयोग, मजबूत नकदी प्रवाह और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
कंपनी ने अपनी पहले की विकास योजना के तहत लगभग 105 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी, ताकि एक बड़ा ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाकर अपनी उत्पादन क्षमता चार गुना बढ़ाई जा सके। लेकिन आंतरिक समीक्षा के बाद कंपनी ने इस जमीन को बेचने और अधिक लचीले तथा एसेट-लाइट मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है।
अब आगे चलकर, कंपनी लीज़ पर लिए गए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के माध्यम से अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी। इस तरीके से काम तेजी से होगा और पूंजी का उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। वहीं कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस रणनीतिक बदलाव से उसकी विस्तार योजनाओं में कोई देरी नहीं होगी। लीज़िंग रणनीति पर काम पहले ही शुरू हो चुका है।
जमीन की बिक्री को छह महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि किसी कारण से यह सौदा इस अवधि में पूरा नहीं होता है, तो प्रमोटर परिवार स्वयं जमीन खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कंपनी को किसी भी अवसर लागत का नुकसान न हो।
जमीन की बिक्री से मिलने वाली राशि और FY27 में बेहतर ऑपरेटिंग कैश फ्लो की उम्मीद के चलते कंपनी को अपने कर्ज में 20% से अधिक की कमी की संभावना है। साथ ही, गोल्ड मेटल लोन (GML) और अन्य संरचित वित्तीय साधनों के अधिक उपयोग से फंडिंग लागत को और कम किया जा सकेगा।
इस विकास पर टिप्पणी करते हुए, मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि Sky Gold 3.0 के अगले चरण में कंपनी का फोकस एक मजबूत और अधिक लचीला संगठन बनाने पर है। जमीन की बिक्री से प्राप्त पूंजी को रणनीतिक रूप से संचालन को मजबूत करने और अगले विकास चरण को समर्थन देने में लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय बदलते व्यावसायिक माहौल में लचीला बने रहने और कार्यान्वयन को और बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। अधिक लचीले विस्तार मॉडल से कंपनी ग्राहक मांग के अनुसार तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पाएगी और परिचालन क्षमता को बढ़ा सकेगी, उन्होंने आगे कहा कि कंपनी अनुशासन, बेहतर क्रियान्वयन और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण को केंद्र में रखकर अगले विकास चरण की नींव रख रही है।
वित्तीय अनुशासन को दोहराते हुए, कंपनी ने कहा कि वह विकास और नकदी प्रवाह को साथ-साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में निवेशकों के साथ हुई बैठक में दिए गए मार्गदर्शन के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य FY30 तक पूरी तरह कर्ज मुक्त (Net Debt Free) बनना है, ताकि स्थायी और लाभकारी विकास सुनिश्चित किया जा सके।