यह कदम कंपनी के हॉस्पिटैलिटी और वाइन टूरिज्म बिजनेस को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। यह 19 एकड़ का एस्टेट है, जिसमें सालाना 4.5 लाख लीटर वाइन बनाने की क्षमता वाली सुविधा है, जिसे बढ़ाकर 13 लाख लीटर तक किया जा सकता है। इस प्रॉपर्टी में विजिटर सेंटर, बैंक्वेट सुविधाएं और 5 एकड़ अंगूर के बाग भी शामिल हैं, जिससे यह वाइन टूरिज्म को बढ़ाने के लिए एक तैयार प्लेटफॉर्म बन जाता है। यह डील उस ट्रेंड को भी दिखाती है, जिसमें वाइनरी अब प्रोडक्शन के साथ टूरिज्म एक्सपीरियंस को जोड़ रही हैं।
Sula Vineyards इस एस्टेट की हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं और टेस्टिंग रूम का संचालन हैंडओवर के तुरंत बाद संभाल लेगी, ताकि काम बिना रुकावट जारी रहे। यह जगह नाशिक एयरपोर्ट से सिर्फ 20 मिनट की दूरी पर है, जहां कुंभ मेले के चलते आने वाले समय में ट्रैफिक बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, दिंडोरी में Sula की मौजूदा सुविधाओं के पास होने से ऑपरेशन में आसानी होगी।
यह डील एसेट परचेज एग्रीमेंट के तहत हो रही है, जिसमें जमीन, बिल्डिंग और वाइन बनाने की मशीनरी शामिल है, लेकिन ब्रांड से जुड़े एसेट इसमें शामिल नहीं हैं। यह अधिग्रहण Sula की सहायक कंपनी Artisan Spirits Private Limited के जरिए किया जा रहा है और नियामक मंजूरी मिलने के बाद FY27 की पहली तिमाही के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस डील के बाद Chandon भारत में वाइन प्रोडक्शन बंद कर देगा और यहां बनने वाली वाइन Sula के ब्रांड नाम से बेची जाएगी।
Sula Vineyards के फाउंडर और सीईओ राजीव सामंत ने कहा, “यह एक बेहद खास मौका है, जहां हमें एक वर्ल्ड-क्लास एस्टेट खरीदने का अवसर मिला है। जब मैंने पहली बार इस जगह को देखा, तो इसकी खूबसूरती और संभावनाओं ने प्रभावित किया। Chandon की टीम ने यहां मजबूत आधार तैयार किया है और अब हम इसे आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। दिंडोरी भारत के बेहतरीन वाइन अंगूरों के लिए जाना जाता है और यह अधिग्रहण यहां हमारी मौजूदगी को और मजबूत करेगा। हम इसे एक बड़े वाइन टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना बना रहे हैं।”
यह अधिग्रहण Sula की उस रणनीति को दिखाता है, जिसमें वह वाइन प्रोडक्शन और हॉस्पिटैलिटी को साथ जोड़कर वाइन टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। इससे कंपनी को ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव और अतिरिक्त कमाई के नए मौके मिलेंगे।